एजेंसी ने एक बयान में कहा कि तंजावुर जिले के पट्टुकोट्टई पुलिस की जिला अपराध शाखा (डीसीबी) ने न्यायिक अदालत के कोष के दुरुपयोग के लिए आरोपी सी थिनागराज के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पट्टुकोट्टई में द्वितीय अतिरिक्त जिला अदालत में अनुवादक के रूप में काम करते हुए थिनागराज मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के जुड़े भुगतान कार्यों को संभालते थे। जिस दौरान उन्होंने न्यायाधीश के हस्ताक्षर के बिना धोखाधड़ी से बैंकों को भुगतान निर्देश तैयार किए और हस्ताक्षर किए।
उन पर आरोप है कि उन्होंने न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित फर्जी चेक बनाए और अवैध रूप से अपने बैंक खातों में चेक जमा किए। इस तरह उन्होंने 1.15 करोड़ रुपये की न्यायिक अदालत के धन का गबन किया।
ईडी ने आरोप लगाया कि इस पैसे से उन्होंने पट्टुकोट्टई में अपनी पत्नी मनिमोझी के नाम पर 44 लाख रुपये में मकान के साथ एक भूखंड खरीदा और इसके बाद इसकी पहली मंजिल के निर्माण के लिए 31 लाख रुपये खर्च किए। उन्होंने अपने बेटे के नाम पर 18 लाख रुपये में एक इनोवा क्रिस्टा कार खरीदी और अपने आवास पर 20.50 लाख रुपये रखे। जिसे सबसे पहले डीसीबी ने जब्त किया।
एजेंसी ने कहा कि अर्जित संपत्तियों के साथ अपराध से हासिल आय के धन के निशान का पता चलने के बाद सी थिनागराज और उनके परिवार के सदस्यों की 1.15 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया।