प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड की कंपनी संजीवनी बिल्डकॉन प्रार्ववेट लिमिटेड (एसबीपीएल) व उसके निदेशकों की 52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें रांची व रायपुर की 102 अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।
ईडी का आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों को प्लॉट देने के वादा कर उन्हें लाखों की चपत लगाई है। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि अटैच की गई संपत्ति में रांची की 98 अचल संपत्तियां व रायपुर की तीन दुकानें शामिल हैं।
इसके अलावा एसबीपीएल के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट को भी जब्त किया गया है। ये संपत्ति एसबीपीएल, उसके निदेशकों जयंत दयाल नंद, उनकी पत्नी अनीता दयाल नंद व अन्य निदेशक श्याम किशोर गुप्ता और रंजना श्रीवास्त के नाम पर थीं।
ईडी ने जांच में पाया कि इन लोगों ने कंपनी व अन्य नामों पर कई बैंक खाते खोल रखे थे और प्लॉट व घर का लालच देकर निवेशकों से जमा कराई राशि को इन्हीं खातों में ठिकाने लगाते थे। ईडी ने श्याम किशोर गुप्ता को पिछले साल गिरफ्तार किया था और जयंत दयाल नंद के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था।
ईडी का दावा है कि जयंत ही इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड है। ईडी इस मामले में आरोपपत्र भी दाखिल कर चुका है और करीब 3.10 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुका है।