प्रवर्तन निदेशालय ने एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के सीईओ को फिनटेक कंपनियों को चीनी फंड दिए जाने और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। कुडोस फाइनेंस एंड इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर, निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पवित्रा प्रदीप वाल्वेकर को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अधिकारी को हैदराबाद में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह कार्रवाई कई भारतीय एनबीएफसी के खिलाफ ईडी की जांच से जुड़ी है जो मोबाइल ऐप (एप्लिकेशन) के माध्यम से तत्काल व्यक्तिगत ऋण के कारोबार में हैं। बयान में कहा गया है कि चीनी फंडों द्वारा समर्थित विभिन्न फिनटेक कंपनियों ने इन एनबीएफसी कंपनियों के साथ सात से 14 दिनों की अवधि के तत्काल व्यक्तिगत छोटे ऋण प्रदान करने के लिए समझौता किया है।
कुडोस एनबीएफसी संभावित ग्राहकों की पहचान करने, उनकी पात्रता की पुष्टि करने, जानकारी/दस्तावेजों का संग्रह करने, दस्तावेजों को एकत्र करने, ऋण समझौते के निष्पादन की व्यवस्था करने में सहायता करने, मूलधन और ब्याज भुगतान के संग्रह/वसूली में सहायता करने और कंपनी द्वारा पेश किए गए खुदरा ऋण के लिए सेवा अनुरोध या उत्पाद संबंधी मामलों के लिए एक सेवा प्रदाता के रूप में फिनटेक (डिजिटल लेंडिंग पार्टनर) कंपनियों को नियुक्त करता है।