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ईडी की कार्रवाई: एनबीएफसी का सीईओ गिरफ्तार, कंपनियों को चीनी फंडिंग से जुड़ा है मामला 

Sat, 18 Dec 2021 07:36 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नई दिल्ली

सार

अधिकारी को हैदराबाद में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : social media
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय ने एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के सीईओ को फिनटेक कंपनियों को चीनी फंड दिए जाने और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। कुडोस फाइनेंस एंड इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर, निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पवित्रा प्रदीप वाल्वेकर को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया।

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एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अधिकारी को हैदराबाद में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह कार्रवाई कई भारतीय एनबीएफसी के खिलाफ ईडी की जांच से जुड़ी है जो मोबाइल ऐप (एप्लिकेशन) के माध्यम से तत्काल व्यक्तिगत ऋण के कारोबार में हैं। बयान में कहा गया है कि चीनी फंडों द्वारा समर्थित विभिन्न फिनटेक कंपनियों ने इन एनबीएफसी कंपनियों के साथ सात से 14 दिनों की अवधि के तत्काल व्यक्तिगत छोटे ऋण प्रदान करने के लिए समझौता किया है। 

कुडोस एनबीएफसी संभावित ग्राहकों की पहचान करने, उनकी पात्रता की पुष्टि करने, जानकारी/दस्तावेजों का संग्रह करने, दस्तावेजों को एकत्र करने, ऋण समझौते के निष्पादन की व्यवस्था करने में सहायता करने, मूलधन और ब्याज भुगतान के संग्रह/वसूली में सहायता करने और कंपनी द्वारा पेश किए गए खुदरा ऋण के लिए सेवा अनुरोध या उत्पाद संबंधी मामलों के लिए एक सेवा प्रदाता के रूप में फिनटेक (डिजिटल लेंडिंग पार्टनर) कंपनियों को नियुक्त करता है।

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कोयला घोटाले में विशेष अदालत ने दी जमानत

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने मेसर्स सुनील हाईटेक इंजीनियर्स लिमिटेड से जुड़े कोयला ब्लॉक मामले में सभी आरोपियों को जमानत दे दी। विशेष सीबीआई जज अरुण भारद्वाज ने 16 दिसंबर, 2021 के अपने आदेश में कहा, चूंकि आरोपी श्रेणी ए में आते हैं, दो लाख के निजी मुचलके के साथ उनकी जमानत की अर्जी मंजूर की जाती है। अदालत ने इसके साथ ही यह शर्त रखी है कि वे किसी भी प्रकार से चश्मदीदों को प्रभावित और साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे तथा देश छोड़ने से पहले अदालत से इजाजत लेंगे। गौरतलब है कि सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट पर विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को समन जारी किया था। कंपनी पर खनन की विशेषज्ञता न होने पर भी नीलामी में भाग लेने और ठेका हासिल करने का आरोप लगा था।
 
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