प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों के सीमापार पशु तस्करी मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद इनाम उल हक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गैरकानूनी कारोबार में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई। पशु तस्करी पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर होती थी। हक को शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया है जहां से उसे सात दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।
एजेंसी ने बताया कि हक को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धाराओं के तहत पकड़ा गया। हक को सीबीआई ने नवंबर 2020 में गिरफ्तार किया था। सीबीआई इस मामले की अलग से जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने हक को पिछले महीने ही जमानत मिली थी। पश्चिम बंगाल के आसनसोल की विशेष कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि हक गैरकानूनी पशु कारोबार मामले का मास्टरमाइंड है। इस काम में दो अन्य आरोपी उसकी मदद करते थे।
तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता विनय मिश्रा और गिरफ्तार किया गया उसका भाई विकास मिश्रा बीएसएफ कमांडेंट सतीश कुमार मुख्य आरोपी हक की सहायता करते थे। सतीश मुर्शिदाबाद और मालदा में तैनात था। इस मामले में दर्ज चार्जशीट में सीबीआई ने कुछ अन्य लोगों को नामजद किया था। पशु तस्करी मामले में मिश्रा बंधुओं के लिंक पर ईडी ने दावा किया कि अक्तूबर 2016 से मार्च 2017 के बीच विनय मिश्रा और विकास मिश्रा ने पशु तस्कर इनाम उल हक से 6.1 करोड़ रुपये हासिल किए। पिछले साल मार्च में एजेंसी ने मिश्रा बंधुओं का कोलकाता स्थित एक घर अटैच किया था।