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ED: ऋण के अवैध डायवर्जन और बैंकों को नुकसान पहुंचाने के केस में कार्रवाई, 588.57 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त

Sat, 12 Jul 2025 04:59 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी ने 10 जुलाई को छापेमारी कर 588.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। कुर्क की गई संपत्तियों में अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।
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ED - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने मेसर्स एमटेक ऑटो लिमिटेड, मेसर्स एआरजी लिमिटेड, मेसर्स एसीआईएल लिमिटेड, मेसर्स मेटालिस्ट फोर्जिंग लिमिटेड और मेसर्स कास्टेक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ-साथ प्रमोटर अरविंद धाम और अन्य से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है।

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ईडी ने 10 जुलाई को छापेमारी कर 588.57 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। कुर्क की गई संपत्तियों में अचल संपत्तियां भी शामिल हैं। इनमें यमुनानगर के हुंडेवाला, रतौली और कंसापुर में स्थित 28 एकड़ जमीन और हरियाणा के पंचकूला के कोट और खंगेसरा गांवों में 67.5 एकड़ जमीन के साथ-साथ दिल्ली/एनसीआर क्षेत्र में स्थित अन्य संपत्तियां शामिल हैं। 

ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में पंकज दयाल के स्वामित्व वाली कंपनी रियलटेक कंस्ट्रक्शन से जुड़े संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं। ये लेन-देन तीसरे पक्ष की संपत्तियों से संबंधित हैं, जैसे कि पिट्टी इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयर, एमटेक समूह के रियल एस्टेट क्षेत्रों से प्राप्त अपराध की आय के मूल्य के बराबर अन्य डीमैट बैलेंस, जिनमें एमटेक कंपनी से सीधे जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं।
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यह कार्रवाई 5 सितंबर, 2024 को 5,115.31 करोड़ रुपये और 26 मार्च, 2025 को 557.49 करोड़ रुपये की पिछली अनंतिम कुर्की के बाद की गई है। पहली कुर्की की पुष्टि पीएमएलए एडजुकेटिंग अथॉरिटी द्वारा की गई है। इस मामले में अभी तक कुल कुर्की 6261.37 करोड़ रुपये की गई है। ईडी ने पहले 40 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली थी, जिसके परिणामस्वरूप अरविंद धाम की गिरफ्तारी हुई। 6 सितंबर, 2024 को अभियोजन शिकायत दर्ज की गई। 

ईडी ने 27 फरवरी 2024 को मेसर्स एमटेक ऑटो ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा दर्ज की गई शिकायतों के आधार पर सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इसमें बैंक ऋणों के अवैध डायवर्जन और बैंकों को गलत नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।

इसके अलावा, सीबीआई ने आईडीबीआई बैंक की शिकायत पर 29.04.2025 को अरविंद धाम और एमटेक ऑटो के अन्य पूर्व निदेशकों के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की है, जिसे पंजीकृत ईसीआईआर का भी हिस्सा बनाया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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