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एअर इंडिया हादसा: लंदन रूट के यात्रियों के परिजनों को सता रहा डर, महीने भर बाद भी नहीं भूल पा रहे भयावह मंजर

Sat, 12 Jul 2025 04:58 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एअर इंडिया विमान हादसा - फोटो : पीटीआई
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अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को आज एक महीना हो गया। ये हादसा इतना भयावह था कि इसमें 260 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 229 यात्री, 12 क्रू सदस्य और 19 जमीन पर मौजूद अन्य लोग शामिल थे। देशभर को इस हादसे ने झकझोर कर रख दिया था। आलम यह कि पीड़ित परिवार ही नहीं अन्य लोग भी अभी तक इस हादसे के सदमे से उबर नहीं पाए हैं। जिस रूट पर जाते समय यह हादसा हुआ था उस रूट पर यात्रा करने वालों के परिजनों को अभी तक उस मंजर को भूल नहीं पाए हैं। जब भी उनका कोई अपना इस रूट पर यात्रा करता है तो उन्हें एक अजीब सा डर और चिंता बनी रहती है। वहीं, इस हादसे को लेकर एएआईबी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी आ गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की हादसे को लेकर जारी हुई 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। 

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यात्रियों और उनके परिजनों में अभी भी है डर का माहौल 
एक महीने बाद, जब लंदन जाने वाले यात्रियों जो अहमदाबाद में एयरपोर्ट पर उन्हें छोड़ने गए थे, उनसे जब बात की गई तो उन्होंने अपनी चिंता जाहिर की। इन लोगों में मेहसाणा के कडी कस्बे की रहने वाली भारतीबेन प्रजापति भी थीं, जो अपनी बेटी धरती को लंदन जाने के लिए छोड़ने आई थीं। उन्होंने कहा कि हम थोड़े घबराए हुए हैं क्योंकि धरती उसी विमान से जा रही है जो एक महीने पहले दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसलिए हम उसके विमान के उड़ान भरने तक यहीं रुके हुए हैं। जो हमारे भाग्य में लिखा है, उसे हम बदल नहीं सकते। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी बेटी सुरक्षित पहुंच जाएगी।

वहीं, उनके पति राजेश प्रजापति ने कहा कि यदि लोग ऐसी त्रासदियों से चिपके रहेंगे तो कोई भी कहीं नहीं पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि जो हुआ सो बुरा हुआ, लेकिन हमें आगे बढ़ना होगा। ऐसी घटनाएं बार-बार नहीं होतीं। हमें बीती बातों को भूलना होगा। वरना हम कभी कहीं नहीं पहुंच पाएंगे। मैं चिंतित नहीं हूँ क्योंकि मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रही है।
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वहीं, भावनगर के रहने वाले गजानंद पंड्या जो अपनी बेटी, दामाद और नातिन को लंदन जाने के लिए छोड़ने आए थे उन्होंने कहा कि वे लोग लंदन जा रहे थे, मैं हवाई अड्डे पर ही रुक गया क्योंकि मैं थोड़ा चिंतित था। हालांकि मुझे पता है कि इस तरह के विमान हादसे बहुत कम होते हैं, लेकिन एक पिता का अपने बच्चों के लिए चिंतित होना स्वाभाविक है। इसलिए मैं तुरंत भावनगर नहीं गया। उन्होंने कहा कि मैंने समाचार रिपोर्ट में पढ़ा था कि तकनीकी समस्या के कारण उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्भाग्यपूर्ण विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे।
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