आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी स्टॉक बनाने और उन्हें बेचकर 5,600 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने वाली कंपनी नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) के पूर्व सीईओ अंजनी सिन्हा को 17 जनवरी को मुंबई में गिरफ्तार किया। कंपनी पर दिल्ली और मुंबई में 13 हजार लोगों से ठगी का आरोप है। पुलिस अंजनी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ला रही है।
ईओडब्ल्यू के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि अश्वनी जे शाह, जतिंदर कुमार आहूजा और सैयद हबीबउर्रहमान ने 2015 में एनएसईएल के खिलाफ करोड़ों की ठगी की शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के बाराखंभा रोड स्थित ब्रोकरेज फर्म मेसर्स इंटीग्रेटेड कमोडिटी ट्रेड्स लिमिटेड ने अपने निदेशकों के जरिये एनएसईएल के प्लेटफार्म पर कमोडिटी ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी की। निदेशकों ने कहा कि एनएसईएल में रकम सुरक्षित हैं। कंपनी के सरकारी होने के झांसे में आकर उन्होंने मोटी रकम लगाई।
सरकार की मंजूरी के बिना लगवाए रुपये
अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने निवेशकों से ठगी के इरादे से पैसे लगवाए और इसके लिए सरकार से मंजूरी नहीं ली। ब्रोकरों ने निवेशकों को मोटे मुनाफे का झांसा दिया। यह अवैध और पोंजी स्कीम जैसा था। एनएसईएल ने अक्तूबर 2008 में टी वन कॉन्ट्रैक्ट से शुरुआत की थी। इसके अनुसार कमोडिटी खरीदने वाला भुगतान करेगा और अगले दिन उसे स्टॉक डिलीवर होगा।
तीन लोगों से ही ठगे 7.5 करोड़
जांच में पता चला है कि केवल तीन लोगों से 7.5 करोड़ रुपये ठग लिए गए। मुंबई में दर्ज शिकायतों के मुताबिक कंपनी ने करीब 13 हजार निवेशकों से ठगी की है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट अंजनी सिन्हा को कंपनी ने 2012 में सीईओ बनाया था। अंजनी ने बताया कि चेयरमैन जिग्नेश शाह सहायक कंपनियों से मुनाफा कमाना चाहता था। इसलिए फर्जीवाड़ा किया।