मनुगोडे विधानसभा उपचुनाव के दौरान 'नो वोट, नो स्कीम' वाले चुनावी भाषण के मामले में चुनाव आयोग ने मंत्री जगदीश रेड्डी को नोटिस जारी किया है। आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले भाषण के संबंध में चुनाव आयोग को स्पष्टीकरण देने के लिए मंत्री को शनिवार तक का समय दिया गया है।
अपने भाषण में रेड्डी ने कहा कि अगर लोग टीआरएस के लिए वोट नहीं करते हैं तो कल्याणकारी योजनाओं को रोक दिया जाएगा। जगदीश रेड्डी ने 25 अक्टूबर को एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान कहा, चुनाव कुसुकुंतला प्रभाकर और राजगोपाल रेड्डी के बीच नहीं है। यह दो हजार रुपये की पेंशन जारी रखने या रोकने का है। यह रायथु बंधु को तीन हजार रुपये जारी रखने के लिए है। विकलांग व्यक्तियों के लिए पेंशन या नहीं, जो लोग योजनाओं को जारी रखने के इच्छुक हैं वो टीआरएस को वोट देते हैं और सीएम केसीआर के साथ खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन हजार रुपये पेंशन को ना कहा और इसके बावजूद केसीआर ने कहा कि वह जरूर देंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पेंशन में दिलचस्पी नहीं है वे पीएम मोदी को वोट कर सकते हैं।
उधर, तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से मुनुगोड़े विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव में मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बलों को तैनात करने की मांग की है। तेलंगाना भाजपा प्रवक्ता रचना रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात की। रेड्डी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। उन्होंने चुनाव आयोग से किसी भी तरह की कदाचार से बचने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र में वेब-कास्टिंग/स्ट्रीमिंग सुविधा की व्यवस्था करने का आग्रह किया।
विशेष रूप से, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 31 अक्टूबर को मुनुगोड़े विधानसभा उपचुनाव में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डीके अरुणा ने बुधवार को तेलंगाना राष्ट्र समिति के आरोपों के अनुसार विधायकों को लुभाने में भाजपा की किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और कहा कि पूरा नाटक तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव द्वारा रचा गया था। उन्हें हार का डर अभी से दिखाई दे रहा है।