तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में 'मोदी-मोदी' के नारों पर ऐतराज जताया है। उन्होंने इसके लिए पूर्व पीएम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की टिप्पणी जिक्र किया।
सुनिए टीएमसी सांसद ने क्या कहा
वाजपेयी ने 1972 में यह कहा था
'चुनावी नतीजों ने प्रधानमंत्री के हाथों में असाधारण ताकत और अधिकार दे दिए हैं। सारी शक्ति नई दिल्ली में केंद्रित है। केंद्रीय मंत्रियों को दिल्ली दरबार में दरबारियों तक सीमित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री सचिवालय एक समानांतर कैबिनेट बन गया है। प्रधानमंत्री शिखर पर खड़े हैं और उनके साथी उनके पैरों पर लेटे हुए हैं। क्या यह स्थिति एक व्यक्ति के तानाशाह के रूप में स्थापित होने की खतरनाक संभावना से भरी नहीं है? इन दिनों नई दिल्ली में माहौल दम घोंटने वाला है। स्वतंत्र रूप से सांस लेना कठिन है। असहमति की आवाज उठाना विद्रोह के रूप में देखा जाता है। सुबह से रात तक ऑल इंडिया रेडियो पर प्रधानमंत्री के नाम का जाप, सिनेमा स्क्रीन पर लगातार प्रचार, विपक्ष में बैठे लोग इस सबसे कैसे लड़ सकते हैं?'