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WB: सेना की पूर्वी कमान किसी भी परिस्थिति से निपटने को तैयार;  अलंकरण समारोह 2024 में बोले पूर्वी कमान प्रमुख

Sat, 10 Feb 2024 11:07 PM IST
शिव शरण शुक्ला एन. अर्जुन, बेंगडूबी (सिलिगुड़ी)

सार

अलंकरण समारोह 2024 में 20 सेना पदक (वीरता), दो बार टू सेना पदक (विशिष्ठ) और चार विशिष्ट सेवा पदक सहित 26 पुरस्कार विजेताओं को पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा, दो इकाइयों को सीओएएस यूनिट प्रशंसा से सम्मानित किया गया और 32 इकाइयों को जीओसी-इन-सी, पूर्वी कमान यूनिट प्रशंसा से सम्मानित किया गया।
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पूर्वी कमान अलंकरण समारोह 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी ने शनिवार को यहां कहा कि पूर्वी कमान किसी भी क्षेत्र में, हर समय किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने यहां से देशवासियों को विश्वास दिलाया कि पूर्वी कमान किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हरदम तैयार है। उन्होंने यह बात यहां बेंगडुबी सैन्य स्टेशन, पश्चिम बंगाल में पूर्वी कमान अलंकरण समारोह 2024 में वीरों को पुरस्कार देने के बाद कही। अलंकरण समारोह में भारतीय सेना के उन वीर जवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने शत्रु का सामना करते हुए कर्तव्य के प्रति असीम समर्पण व अदम्य साहस का प्रदर्शन किया हो। पूर्वी कमान प्रमुख ने इस दौरान अपने पूर्ववर्ती वीरों को भी नमन किया।

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अलंकरण समारोह 2024 में 20 सेना पदक (वीरता), दो बार टू सेना पदक (विशिष्ठ) और चार विशिष्ट सेवा पदक सहित 26 पुरस्कार विजेताओं को पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा, दो इकाइयों को सीओएएस यूनिट प्रशंसा से सम्मानित किया गया और 32 इकाइयों को जीओसी-इन-सी, पूर्वी कमान यूनिट प्रशंसा से सम्मानित किया गया।

सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर सबकी नजर
उन्होंने कहा, राष्ट्र के भविष्य को नागरिकों की भी भूमिका होती है। हमें अपने व्यक्तिगत आकांक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रहित को भी ध्यान में रखना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र कल्याण में निस्वार्थ सेवा में एकजुट होकर पूर्ण योगदान देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, समरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सिलिगुड़ी कॉरिडोर हिमालय के गोद में बसे हुए एक अत्यंत खूबसूरत इलाका होने के साथ-साथ हमारे पूर्वोत्तर राज्यों को देश के मुख्य भूभाग से भी जोड़ने का काम करता है। इसलिए हमारे देश की ओर हमारी सेनाओं की विशेष फोकस रहती है। अलंकरण समारोह का आयोजन यहां पर हो रहा है, इसकी मुझे अत्यंत खुशी हो रही है।
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हमारे योद्धाओं ने हर चुनौती का डटकर मुकाबला किया
वीरों का सम्मान करके मुझे अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है। यह अवार्ड्स निश्चित रूप से आपके आत्म विश्वास, आपकी बहादुरी, लगन और निष्ठा का बेमिशाल उदाहरण है। और हम सभी को भविष्य में इस तरह के कार्यों के लिए प्रेरित करता रहेगा। बीते हुए साल में भारतीय सेना ने बहुत से सराहनीय कार्य किया। हमारे बहादुर योद्धाओं ने हमारी सीमाओं की रक्षा करते हुए, हर चुनौती का डटकर सामना किया। देश के उत्तर और उत्तर पूर्वी भागों में हमारी फौज ने आतंक विरोधी अभियानों को सफलता पूर्वक अंजाम दिया। पूर्वी कमान के सैनिकों ने आपदा प्रबंधन में स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सहयोग दिया। नागरिकों के जानमाल का सफलतापूर्वक बचाव किया। कार्यक्रम में वीरों के अलावा उनके परिवार, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

फैजाबाद के लाल को सेना मेडल, हमारे एक्शंस हमसे ज्यादा बोलते हैं
बेंगडुबी सैन्य स्टेशन, पश्चिम बंगाल में पूर्वी कमान अलंकरण समारोह 2024 में जिन 20 वीर जवानों को सेना मेडल (वीरता) के लिए सम्मानित किया गया, उनमें फैजाबाद जिले के कैप्टन सौरभ गुप्ता भी शामिल थे। बेटे की बहादुरी का सम्मान पाते हुए देखने के लिए उनके माता-पिता भी यहां उपस्थित थे। उन्होंने कहा, गौरव का अनुभव हो रहा है। एक सैनिक के बेटे सौरभ ने बताया कि हर ऑपरेशन का एक जैसा ही अनुभव रहता है। जब हम ऑपरेशन कर रहे होते हैं तो केवल एक ही सोच रहती है कि हम ऑपरेशन ठीक से करें। हमारे किए हुए ऑपरेशन के बल पर हमारे कमांडर सही डिशिजन बना सकें। उन्होंने कहा, पिता से ही प्रेरित होकर एनडीए ज्वाइन किया। 2020 में कमिशन हुए थे, सौरभ। उन्होंने कहा, युवाओं को भारतीय सेना में आना चाहिए और इसके लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए। उन्होंने कहा, हमारे एक्शंस हमसे ज्यादा बोलते हैं।

हिसार के लाल को सेना मेडल, दुनिया में भारतीय सेना अब्बल
बेंगडुबी सैन्य स्टेशन, पश्चिम बंगाल में पूर्वी कमान अलंकरण समारोह 2024 में जिन 20 वीर जवानों को सेना मेडल (वीरता) के लिए सम्मानित किया गया, उनमें हिसार जिले के मेजर रोनिश कुमार भी शामिल थे। बेटे की बहादुरी का सम्मान पाते हुए देखने के लिए उनके माता-पिता भी यहां उपस्थित थे। रोनिश कुमार ने कहा, यह मेडल पाकर मैं गौरान्वित हूं। यह मेरे जीवन का महत्वपूर्ण क्षण है। इसके लिए मैं अपने माता-पिता और अपनी यूनिट का धन्यवाद करना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि 12वीं के बाद एनडीए की और आईएमए करने के बाद उन्होंने 2015 में भारतीय सेना में कमिशंड प्राप्त किया। उन्होंने कहा, भारतीय सेना दुनिया की अब्बल दर्जे की सेना है। उन्होंने युवाओं से भारतीय सेना ज्वाइन करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, भारतीय सेना में आने के लिए युवाओं को जितनी ताकत है, लगानी चाहिए। 

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