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माया की रैली में हर उम्मीदवार को ले जानी होंगी सौ-सौ बसें

Tue, 20 Sep 2016 04:45 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मेरठ
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मायावती
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11 सितंबर को सहारनपुर में हुई बसपा की रैली को अभी एक माह भी नहीं हुआ है और दूसरी रैली का फरमान आ गया है। बसपा सुप्रीमो लखनऊ में बड़ी रैली करने जा रही हैं। उम्मीदवारों को टारगेट दिया गया है कि सौ-सौ बसें लेकर आओ। ऐसे में बसपाई उम्मीदवारों के होश उड़ गए हैं। 100 बस ले जाने पर 30 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। सोमवार को मेरठ जिला कार्यालय में पदाधिकारियों ने उम्मीदवारों को यह फरमान सुनाया।
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नौ अक्तूबर को लखनऊ में बसपा की रैली हो रही है। दरअसल, यह मौका कांशीराम परिनिर्वाण दिवस का है, लेकिन उससे पहले 21 सितंबर को भाजपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य की रैली है। इसके बाद बसपा को बड़ी भीड़ दिखाकर शक्ति प्रदर्शन करना है। यही कारण है कि रैली की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सोमवार को फूलबाग कॉलोनी स्थित कार्यालय पर बैठक हुई, जिसमें सभी उम्मीदवारों ने भाग लिया। उन्हें टारगेट दिया गया कि सौ सौ बसें प्रत्येक उम्मीदवार को इस रैली में ले जानी हैं। यानी पांच हजार कार्यकर्ता हर विधानसभा क्षेत्र से वहां जाने चाहिए। 

कई उम्मीदवारों ने कहा कि इतनी बसें क्षेत्र में किराए पर मिलती ही नहीं है तो कहा गया कि रेलगाड़ी के डिब्बे बुक करो पर जनता अवश्य लेकर जाओ। मिनी ट्रक भी किए जा सकते हैं। बैठक में वेस्ट यूपी प्रभारी अतर सिंह राव, जोन कोआर्डिनेटर प्रदीप भारती, प्रदीप भारती, संतकुमार, बबलू, जिलाध्यक्ष सुनील जाटव, प्रत्याशी योगेश वर्मा, इमरान कुरैशी, सतेन्द्र सौलंकी, गजेन्द्र सिंह नागर, नदीम चौहान, जिला प्रभारी अमित शर्मा, रविराज मौजूद रहे।
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दूसरी रैली यानी बड़ा खर्चा

- फोटो : file photo
11 सितंबर को सहारनपुर में मेरठ और सहारनपुर मंडल की रैली थी, जिसमें भी उम्मीदवारों को सौ सौ बसें ले जाने का टारगेट दिया था। होर्डिंग बैनर आदि का खर्च अलग से। ऐसे में अब फिर से ऐसे ही टारगेट को सामने देखकर प्रत्याशियों के होश फाख्ता हैं। हालांकि वे खुलकर कुछ नहीं कह रहे हैं, लेकिन माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।

सौ बसों को लखनऊ ले जाने में ही 25 लाख रुपये का खर्चा आता है। इसके अलावा कार्यकर्ताओं के छह समय के भोजन की व्यवस्था। पंपलेट, होर्डिंग, बैनर आदि अलग से। यानी यदि टारगेट पूरा किया तो 30 लाख के पार खर्चा जाना है। विदित हो कि शहर विधानसभा के  उम्मीदवार यहां से हाथ खड़े कर चुके हैं। चर्चा कि बढ़ते खर्च के कारण ही उन्होंने यह कदम उठाया।
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