सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को टोकते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को सुनवाई के बीच में शीर्ष वकील के पीछे खड़े जूनियर वकीलों के लिए बैठने की व्यवस्था पर स्टूलों के इंतजाम का मुद्दा उठाया।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, चीफ जस्टिस ने युवा वकीलों के लिए बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
संविधान पीठ कर रही थी एक अपील पर सुनवाई
दरअसल, मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ इस अपील पर सुनवाई कर रही थी कि क्या राज्यों के पास 1990 में सात-न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा उनके खिलाफ दिए गए फैसले के बाद औद्योगिक शराब की बिक्री और निर्माण को विनियमित करने की विधायी शक्ति है।
सूत्र ने बताया कि अदालत शुरू होने से पहले सीजेआई ने बैठने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। वह अदालत कक्ष में उस स्थान पर पहुंचे जहां वकील खड़े थे और यह जांचने के लिए कि क्या चीजें व्यवस्थित हैं, स्टूल पर बैठ गए। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी निरीक्षण किया कि वकीलों के विचार को अवरुद्ध नहीं किया गया था और यह सॉलिसिटर जनरल के लिए कोई बाधा नहीं थी।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया, 'मुख्य न्यायाधीश उदारता के प्रतीक हैं। आज का यह कदम न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि सभी अदालतों को इसका पालन करना चाहिए। न्यायिक पदानुक्रम के सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति किसी के बताए बिना भी युवा वकीलों की परेशानी के प्रति असाधारण रूप से विचारशील है।'