कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने दिल्ली विश्व विद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू) के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों के नाम के चयन के लिए छ: सदस्यों की एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। कमेटी डूसू चुनाव में चार पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करेगी। चयन के बाद इन नामों को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय इंचार्ज के सामने पेश करेगी जो इन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे। इस कमेटी में एनएसयूआई के जनरल सेक्रेटरी अंकित डेढ़ा, जनरल सेक्रेटरी करिश्मा ठाकुर, सचिव अनुशेष शर्मा, सचिव अभिषेक चौधरी, कोआर्डिनेटर ट्रेनिंग योगेश शर्मा और संगठन के दिल्ली अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा शामिल हैं।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फैरोज खान ने अमर उजाला को बताया कि उनके सामने कई युवाओं ने अपनी दावेदारी पेश की है। लेकिन कमेटी यह देखने का काम करेगी कि किन उम्मीदवारों की छात्रों के बीच लोकप्रियता ज्यादा है। इसके अलावा छात्रों की प्रोफाइल, पार्टी और अध्यक्ष राहुल गांधी के विचारों की गहरी समझ, छात्रों के लाभ के लिए काम करने के लिए संवेदनशीलता और राजनीतिक विषयों पर पकड़ को उम्मीदवारों के चयन के लिए आधार बनाया गया है। इन मानकों की परख के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के द्वारा सभी दावेदारों का साक्षात्कार लिया जाएगा। जो भी दावेदार संगठन के मानकों पर खरा उतरेगा, उसे इस बार एनएसयूआई के उम्मीदवार के रूप में उतारा जाएगा।
फैरोज खान ने बताया कि वे महिला और पुरुष उम्मीदवारों के उचित प्रतिनिधित्व का भी ख्याल रखते हैं। इस समय उनके सामने आठ पुरुष और चार महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। ये सभी नाम पहली स्क्रीनिंग के बाद सामने आए हैं। इन उम्मीदवारों में से चार शनि चिल्लर, आकाश चौधरी, मनोज तोमर और मनीष चिकारा जाट समुदाय से आते हैं।
इनके अलावा संजू खारी, नीतीश नागर और अंकित सिंह गुर्जर समुदाय से आते हैं। इसके अलावा सौरभ यादव ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। प्रज्ञा तोमर, सोनिया चौधरी, लीना और अर्पिता दत्ता महिला दावेदार हैं। खान ने बताया कि वे शुक्रवार को अपना घोषणापत्र भी जारी करेंगे।
दिल्ली छात्र संघ चुनाव काफी प्रतिष्ठा की नजर से देखा जाता है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के बड़े नेता इस चुनाव में प्रचार करते देखे जाते हैं। पिछली बार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई ने कब्जा जमाया था जबकि सेक्रेटरी और ज्वांट सेक्रेटरी के पद पर भाजपा समर्थित एबीवीपी को जीत मिली थी।