मध्य प्रदेश और राजस्थान में मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को शामिल करने के कांग्रेसी नेता कमलनाथ और सचिन पायलट की याचिकाओं की सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इन दोनों राज्यों में इस वर्ष की आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कांग्रेसी नेताओं की याचिकाओं पर भारतीय चुनाव आयोग के साथ-साथ मध्यप्रदेश व राजस्थान के निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ ने कहा कि उनके मुवक्किल कमलनाथ ने खुद अपने खर्च पर मध्यप्रदेश में सर्वेक्षण कराया। इस सर्वेक्षण में पाया गया है कि राज्य की मतदाता सूची में करीब 60 लाख फर्जी मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी ही स्थिति राजस्थान में हैं। वहां की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता हैं।
साथ ही याचिकाओं में यह भी गुहार की गई है कि वीवीपीएटी मशीनों से निकलने वाली पर्चियों का औचक निरीक्षण किया जाए, जिससे कि पता चले कि लोगों का वोट सही जगह पर पड़ा है या नहीं।