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DRDO-नौसेना का बड़ा कारनामा: स्वदेशी कंटेनर ADC-150 का सफल परीक्षण, समुद्र के बीच तेजी से पहुंचेगी मदद

Tue, 10 Mar 2026 08:52 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने स्वदेशी कंटेनर एडीसी-150 का सफल परीक्षण किया है। पी8आई विमान से किए गए इस ट्रायल के बाद अब समुद्र में दूर तैनात जहाजों तक 150 किलो तक की मदद तेजी से पहुंचाई जा सकेगी। 
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एयर ड्रॉपेबल कंटेनर एडीसी-150 का सफल परीक्षण - फोटो : ANI
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विस्तार
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने मिलकर स्वदेशी एयर ड्रॉपेबल कंटेनर एडीसी-150 का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण गोवा के तट पर पी8आई विमान से किया गया। 21 फरवरी से 1 मार्च 2026 के बीच कुल चार ट्रायल हुए। ये सभी ट्रायल अलग-अलग और बहुत कठिन परिस्थितियों में किए गए, जो पूरी तरह सफल रहे।
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यह कंटेनर पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है। यह 150 किलो तक का वजन ले जाने में सक्षम है। इसका मुख्य उद्देश्य समुद्र के बीच तैनात उन जहाजों तक तुरंत मदद पहुँचाना है, जो तट से बहुत दूर हैं। आपातकालीन स्थिति में जब किसी जहाज को जरूरी कलपुर्जों, उपकरणों या दवाइयों की जरूरत होगी, तब इस कंटेनर का इस्तेमाल होगा। इससे भारतीय नौसेना की रसद पहुंचाने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी।



इस महत्वपूर्ण तकनीक को विकसित करने में कई संस्थानों ने योगदान दिया है। विशाखापत्तनम की 'नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेबोरेटरी' (NSTL) इस पूरे प्रोजेक्ट की मुख्य लैब है। आगरा की 'एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट' (ADRDE) ने इसका पैराशूट सिस्टम तैयार किया है। बेंगलुरु के 'सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस एंड सर्टिफिकेशन' (CEMILAC) ने उड़ान के लिए जरूरी मंजूरी और सर्टिफिकेट दिए। वहीं, हैदराबाद की 'डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी' (DRDL) ने परीक्षण के दौरान तकनीकी और उपकरणों से जुड़ी सहायता दी।
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भारतीय नौसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एडीसी-150 सिस्टम को बहुत कम समय में तैयार किया गया है। इसके सभी विकासात्मक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। अब उम्मीद है कि इसे बहुत जल्द भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा। इससे गहरे समुद्र में तैनात नौसैनिकों को किसी भी संकट के समय तेजी से सहायता मिल सकेगी।

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