Padma Shri: आठ साल की उम्र में एक स्टोव फट जाने से प्रेमा 50% तक जल गईं थीं। उनकी वेल्लुर स्थित मेडिकल कॉलेज में 14 सर्जरी हुई थी। उसी अस्ताल में वे एक दिन सर्जन और एचओडी बनीं। उन्होंने अग्नि रक्षा एनजीओ की स्थापना कर 25,000 बर्न पीड़ितों को मुफ्त सर्जरी प्रदान की है।
सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान किया। प्लास्टिक सर्जन डॉ प्रेमा धनराज को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। धनराज एक ऐसी बर्न विक्टिम हैं तो बर्न सर्जन बनीं और जलने की त्रासदी झेलने वाली पीड़ितों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
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आठ साल की उम्र में एक स्टोव फट जाने से प्रेमा 50% तक जल गईं थीं। उनकी वेल्लुर स्थित मेडिकल कॉलेज में 14 सर्जरी हुई थी। उसी अस्ताल में वे एक दिन सर्जन और एचओडी बनीं। उन्होंने अग्नि रक्षा एनजीओ की स्थापना कर 25,000 बर्न पीड़ितों को मुफ्त सर्जरी प्रदान की है। उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी पर 3 किताबें भी लिखीं हैं।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर भी काम किया है। उन्हें इथियोपिया की पहली बर्न यूनिट स्थापित करने और केन्या, तंजानिया, नॉर्वे, और इथियोपिया के डॉक्टरों को सम्मानित करने का भी श्रेय जाता है।