Department of personnel training DOPT
- फोटो : फाइल (सांकेतिक)
अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई प्रचलित होने पर सेवानिवृत्ति के समय उनके अवकाश नकदीकरण की धनराशि रोकी जा सकती है। हालांकि, जांच में क्लीनचिट मिलने पर धनराशि जारी कर दी जाएगी। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि विभिन्न स्तर से मार्गदर्शन मांगा जा रहा था कि जिनके खिलाफ निलंबन, अनुशासनिक या आपराधिक कार्रवाई चल रही है और वे उसी दौरान सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें अवकाश नकदीकरण की राशि का भुगतान किया जाए या नहीं। इस प्रकरण की अखिल भारतीय सेवा (छुट्टी नियम), 1955 व अन्य प्रासंगिक प्राविधानों, निर्देशों के तहत विधिवत अध्ययन किया गया। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि यदि सदस्य सेवानिवृत्ति के समय निलंबित है या आपराधिक कार्रवाई लंबित है तो सक्षम प्राधिकारी अवकाश नकदीकरण की पूरी या आंशिक राशि को भुगतान से रोक सकता है।
हालांकि, ऐसा तभी किया जाएगा जब प्राधिकारी को यह विश्वास हो जाए कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की समाप्ति पर कुछ राशि की वसूली की संभावना है। कार्यवाही की समाप्ति पर यदि सरकारी देय राशि निकलती है तो उसका समायोजन किया जाएगा और बाकी राशि के लिए वह पात्र होगा।