भारत और अमेरिका के बीच हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता में पाकिस्तान के साथ एक हद तक जम्मू-कश्मीर पर चर्चा तो हुई लेकिन सीएए का मुद्दा नहीं उठा। विदेश मंत्रालय के सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विदेश सचिव श्रृंगला ने धार्मिक आजादी पर वार्ता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में सीएए का मुद्दा नहीं उठा, बल्कि दोनों ही पक्षों ने बहुलवाद, विविधता को जोड़ने वाला कारक बताते हुए सराहना की।
भारत और अमेरिका के बीच वार्ता में पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे आतंकवाद को लेकर चर्चा हुई, इस दौरान भारत ने क्षेत्र में अपनी चिंताओं को साझा किया।
विदेश सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार सेक्टर में बड़े समझौते के लिए आगे बढ़ने का फैसला किया। भारत-अमेरिका वार्ता के दौरान जम्मू-कश्मीर के उल्लेख के सवाल पर विदेश सचिव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक घटनाक्रमों पर चर्चा केंद्रित थी, चीजें सही दिशा में बढ़ रही हैं।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इसके अलावा पांच मुख्य क्षेत्रों सुरक्षा, रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, दोनों देशों की जनता के स्तर पर संपर्क को लेकर बातचीत हुई। भारत-अमेरिका ने नारकोटिक्स पर कार्य समूह बनाने का भी फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा क्षेत्र में खरीद, प्रौद्योगिकी, संयुक्त गठजोड़ में भारत को उच्च स्थान देने का आश्वासन दिया है। विदेश सचिव ने बताया कि भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच पांच घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा द्विपक्षीय सहयोग के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक के रूप में सामने आया है। भारतीय पक्ष ने आईटी क्षेत्र में भारतीय पेशेवरों के योगदान को रेखांकित करते हुए एच1बी वीजा का मुद्दा उठाया। वैश्विक परिप्रेक्ष्य और खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।