ोसंसद का बजट सत्र 22 जुलाई से शुरू होगा और 12 अगस्त तक चलेगा, वहीं 23 जुलाई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारण की तरफ से केंद्र की भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले भाजपा की तरफ से अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी में एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था। वहीं बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही कांग्रेस केंद्र और पीएम मोदी पर हमलावर हो चुकी है।
'उम्मीद है सदन की कार्रवाई निष्पक्ष रहेगी'
जोरहाट से कांग्रेस सांसद और लोकसभा में उप नेता गौरव गोगोई ने उम्मीद जताई है कि इस बार सदन की कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से जारी रहेगा। वहीं उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से बजट को लेकर कोई उम्मीद नहीं रखते हैं। इस दौरान गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि इससे पहले आयोजित हुए सत्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सदन में दिए गए बयानों के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटा दिया गया था।
राहुल गांधी के बयान रिकॉर्ड से हटाए जाने पर बरसे
गौरव गोगोई ने कहा कि हम चाहते हैं कि सदन निष्पक्ष रहे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी पार्टी के नेता राहुल गांधी की कुछ बयानों को पिछले सत्र के दौरान रिकॉर्ड से हटा दिया गया था। दरअसल जब राहुल गांधी ने कहा था कि पीएम मोदी, भाजपा और आरएसएस हिंदू समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। सभी ने इसे देखा और सुना, जो कि रिकॉर्ड से हटा दिया गया और आज तक हम ये जान नहीं पाए कि ऐसा क्यों किया गया।
भाजपा को जनता ने बद्रीनाथ में दिया झटका- गोगोई
हमारे नेता राहुल गांधी ने इसे लेकर पत्र भी लिखा है, लेकिन भाजपा के लोग जनता के बीच गलत धारणाएं फैला रहे हैं। हालांकि जनता ने भाजपा को बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव में करारा झटका दिया है। नेता विपक्ष सदन में एक संवैधानिक पद है और राहुल गांधी नेता विपक्ष के रूप में जो कुछ भी कहते हैं, जिम्मेदारी के साथ कहते हैं। गोगोई ने आगे कहा कि नेता विपक्ष के बयान संसदीय रिकॉर्ड में दिखना चाहिए।
'हिंदू धर्म की शिक्षा अयोध्या वालों ने भाजपा को दी'
अपने बयान में कांग्रेस नेता ने कहा कि हिंदू हिंसक नहीं हैं; वे शक्तिशाली हैं, लेकिन वे अपनी शक्ति का उपयोग गलत तरीके से नहीं करते हैं। एक हिंदू सत्य के मार्ग पर चलता है और झूठ का सहारा नहीं करता है। यही हिंदू धर्म की शिक्षा अयोध्या के लोगों ने भाजपा के लोगों को दी और बद्रीनाथ के लोगों ने उन्हें फिर से सबक सिखाया।
पीएम मोदी पर गौरव गोगोई ने साधा निशाना
वहीं बजट सत्र शुरू होने के कारण सरकार से विपक्ष की मांग क्या है, यह पूछे जाने पर, गोगोई ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला किया और कहा कि उनके पास अंबानी की शादी में शामिल होने का समय है, लेकिन उनके पास गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए समय नहीं है। मुझे पीएम मोदी और सरकार से कुछ भी उम्मीद नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी कुछ फैंसी शब्द का इस्तेमाल जरूर करेंगे, लेकिन मैं उम्मीद नहीं करता कि मुद्रास्फीति और बेरोजगारी से लड़ने के लिए सरकार कोई ठोस कदम उठाएगी। अगर और कोई प्रधानमंत्री होता तो शायद भाजपा मुद्रास्फीति के खिलाफ कुछ कदम उठाती। प्रधानमंत्री मोदी के पास इटली, फ्रांस जाने और अंबानी की शादी में शामिल होने का समय है, लेकिन उनके पास युवाओं, महिलाओं आदि के लिए समय नहीं है।
संसद में पूरे पूर्वोत्तर की आवाज उठाऊंगा- गोगोई
गौरव गोगोई ने कहा कि एनईईटी को लेकर हुए बवाल के बाद भी शिक्षा मंत्री को बरकरार रखा गया है। ऐसे ही मुद्रास्फीति और बेरोजगारी की ऐसी स्थिति के बाद वित्त मंत्री भी बरकरार हैं। मणिपुर में अशांति के बाद भी, सीएम और गृह मंत्री को बरकरार रखा गया है। आप देखिए तमाम राष्ट्रीय मुद्दों को राहुल गांधी की तरफ से संसद में अंदर और बाहर उठाए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी की तरफ से लोकसभा में डिप्टी लीडर बनाए जाने के बाद, जोरहाट सांसद ने कहा कि वह संसद में पूरे पूर्वोत्तर की आवाज उठाने की कोशिश करेंगे।