महिला के पेट में ऑपरेशन के दौरान छोड़ी कैंची
- फोटो : अमर उजाला
सिक्किम में इलाज के दौरान हुई बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। गंगटोक के एसटीएनएम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक महिला के पेट में 12 साल से पहले ऑपरेशन के दौरान छोड़ी गई सर्जिकल कैंची बाहर निकाला है। महिला लंबे समय से पेट के दर्द के जूझ रही थी।
दरअसल महिला ने 2012 में एसटीएनएम अस्पताल अपेंडिक्स का ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन कराने के बाद भी महिला के पेट में दर्द रह था। शुरूआत में ऑपरेशन के चलते महिला दर्द को नजरअंदाज करती रही। लेकिन वक्त के साथ महिला के पेट का दर्द बढ़ता चला गया। जिसके बाद महिला कई डॉक्टरों के पास दर्द के इलाज के लिए गई। लेकिन लंबे इलाज के बाद भी उसे दवाओं से आराम नहीं हो रहा था।
पेट में निकली कैंची
इसके बाद महिला के परिवार ने इलाज के लिए एसटीएनएम अस्पताल का रुख किया। 8 अक्टूबर को डॉक्टरों ने जब महिला का एक्स-रे कराया तो उसकी रिपोर्ट देखकर चौंक गए। महिला के पेट में एक सर्जिकल कैंची पड़ी दिख रही थी। जिसके बाद चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम ने कैंची को हटाने के लिए तुरंत सर्जरी की। महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी ने 2012 में पुराने एसटीएनएम अस्पताल में अपेंडिक्स की सर्जरी कराई थी।
एसटीएनएम अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. सुरेश मदन राय ने शनिवार को बताया कि 12 साल पहले एसटीएनएम अस्पताल में अपेंडिक्स का ऑपरेशन होने के दौरान महिला के पेट में कैंची रह गई थी। अपेंडिक्स ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में कैंची रह जाने के मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों और एसटीएनएम के डॉक्टरों की एक समिति गठित की गई।
डॉक्टरों ने गुरुवार को महिला के पेट से कैंची निकालने के लिए ऑपरेशन किया। महिला की हालत स्थिर है और वह स्वस्थ हो रही है। घटना सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना से लोगों में भारी आक्रोश है। अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा अधिकारियों से इस पर जवाब मांगा गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।