पश्चिम बंगाल में विद्यालयी शिक्षा विभाग ने तीन विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन शिक्षा संस्थानों ने छात्रों को कोलकाता में एक महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ रैलियों में शामिल किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इन विद्यालयों में हावड़ा जिले में बलुहाटी माध्यमिक विद्यालय, बलुहाटी बालिका माध्यमिक विद्यालय और बंत्रा राजलक्ष्मी बालिका स्कूल शामिल हैं। विभाग ने इन विद्यालयों को शुक्रवार को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रैली में छात्रों के साथ कई शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी भाग लिया, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, छात्रों को कक्षा के दौरान ऐसी रैलियों में भाग लेने की अनुमति नहीं है। हमें पता चला है कि कुछ शिक्षक और अन्य कर्मचारी इन छात्रों को रैली में ले गए।
इन विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले विभाग ने निर्देश जारी किया था कि छात्रों को विद्यालय या विभाग से जुड़ी किसी भी गतिविधि में शामिल करना मना है।
उन्होंने कहा कि जिला निरीक्षक की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि विद्यालय के छात्र किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकते। अधिकारी ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है, क्योंकि खबरें सामने आई हैं कि छात्रों को राज्यभर में महिला डॉक्टर के लिए न्यय की मांग करने वाली राजनीतिक रैलियों में शामिल किया जा रहा है।
हालांकि, नोटिस में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की घटना का सीधे-सीधे जिक्र नहीं किया गया है। जिसको लेकर राज्यभर में विरोध रैलियां आयोजित की जा रही हैं। महिला डॉक्टर से दुष्कर्म औ हत्या के करीब दो हफ्ते बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में नागरिकों, नागरिक समाज संगठनों, युवाओं, छात्रों, महिलाओं के समूहों और राजनीतिक दलों द्वारा रैलियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें सभी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।