चार हफ्ते में पेश करनी होगी रिपोर्ट
महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी और कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने भीड़ की हिंसा को लेकर कई निर्देश जारी किए। पीठ ने केंद्र व राज्य सरकारों को चार हफ्ते में इनका अनुपालन कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर ऐसे होगा अमल
पीठ ने निर्देश दिया कि भीड़ की हिंसा से निपटने के लिए हर जिले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अफसर नियुक्त करने के साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स भी गठित की जाए। ऐसी घटनाओं की आशंका वाले इलाकों की पहचान की जाए। साथ ही भड़काऊ भाषण और झूठी खबरें फैलाकर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाए।
केंद्र और राज्य मिलकर इसके लिए काम करें। घटना होने पर तत्काल कार्रवाई हो और इससे जुडे़ मुकदमे तेजी से निपटाए जाएं। पीड़ित के परिजनों को मुआवजा दें। इन निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहने वाले अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की जाए।