गार्ड, लिफ्ट ऑपरेटर जैसे कर्मचारी हैं आरोपी
पुलिस ने बताया कि यह मामला एक रिहाइशी अपार्टमेंट का है। आरोपियों में उस परिसर के सिक्योरिटी गार्ड, लिफ्ट ऑपरेटर, इलेक्ट्रिीशियन, वॉटर सप्लायर और मेंटीनेंस स्टाफ से जुड़े अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
नशीले पदार्थ सुंघाकर किया रेप
पुलिस के अनुसार, सबसे पहले एक लिफ्ट ऑपरेटर ने नाबालिग को नशीला पाउडर सुंघाकर उसका यौन उत्पीड़न शुरू किया। इसके बाद परिसर के अन्य कर्मचारी भी रेप करने वालों में जुड़ते गए। आरोपियों ने उसे नशे के इंजेक्शन और नशीले पदार्थ मिली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर रेप किया और उसकी वीडियो भी तैयार की। मामला तब सामने आया, जब कक्षा सात में पढ़ने वाली लड़की ने अपनी बड़ी बहन को यह बात बताई। बहन ने माता-पिता को जानकारी दी। मां की तहरीर पर 15 जुलाई को पुलिस में एफआईआर दर्ज की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता ने बताया कि 11 आरोपियों ने उससे रेप किया, जबकि अन्य 6 इस साजिश में शामिल रहे। आरोपियों में से छह ने आरोप कबूल कर लिया है।
कोई नहीं लड़ेगा मुकदमा
उधर, मद्रास हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जी. मोहनकृष्णन ने बताया कि संघ के सदस्यों ने इन आरोपियों की तरफ से अदालत में पेश नहीं होने का निर्णय लिया है। इस निर्णय की जानकारी वकीलों के अन्य संघों को भी दे दी गई है और सभी इससे सहमत हैं। उन्होंने अदालत से आरोपियों को कठोर दंड देने की अपील की।