लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। अब तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके ने चुनाव आयोग से अपील की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। डीएमके ने प्रधानमंत्री पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
डीएमके का कहना है कि पीएम मोदी द्वारा एक रैली में विपक्ष के खिलाफ गलत बयानबाजी की गई है। डीएमके के अनुसार पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष बार बार हिंदू धर्म का अपमान कर रहा है। विपक्ष के नेता अन्य धर्मों के खिलाफ कुछ नहीं बोलते लेकिन जब भी उन्हें मौका मिलता है, तो वे बिना समय गंवाए हिंदू धर्म का अपमान करते हैं। हम इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं और कैसे विपक्षी नेताओं को ऐसा कहने की अनुमति दे सकते हैं?
डीएमके ने चिट्ठी में लिखीं ये बातें
डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती ने 21 मार्च को चुनाव आयोग को पत्र लिखा। पत्र में लिखा गया है कि पीएम मोदी की यह टिप्पणी आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है। आगे लिखा गया है कि चुनाव आयोग को ऐसे नेताओं पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, जो धर्म और अन्य विभाजनकारी तरीकों को आधार बनाकर प्रचार कर रहे हैं। भारती ने कहा कि मैं चुनाव आयोग से इस शिकायत पर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध करती हूं। साथ ही भारती ने चुनाव आयोग से अपील की है कि ऐसे लोगों को उचित दिशा निर्देश भी दिए जाएं।
तमिलनाडु में 19 अप्रैल को मतदान
इस बार लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में पहले चरण यानी 19 अप्रैल को मतदान होना है। यहां 39 सीटों पर एक साथ एक ही दिन वोटिंग होगी। चुनाव के लिए तमिलनाडु में 20 मार्च को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 27 मार्च है। प्रदेश में कुल 6.18 करोड़ मतदाता हैं। इसमें से 3.14 करोड़ महिला मतदाता और 3.03 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल हैं।
2019 में 24 सीटें जीती थी डीएमके
2019 में तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों पर चुनाव हुए। इस दौरान डीएमके ने 24 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा कांग्रेस ने आठ, सीपीआई और सीपीआई (एम) ने दो-दो, एआईएडीएमके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वीसीके ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की थी।