सपा के एमएलसी संजय लाठर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमारी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है। इसलिए केवल 21 जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हो पाए। समाजवादी पार्टी ने तो अपने समय में 35 लोगों को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया था। सूत्र का कहना है कि यह सवाल सपा से पूछा जाना चाहिए कि क्या उसे तब लोकतंत्र की चिंता नहीं सता रही थी।
हमने नामांकन से नहीं रोका था : सपा
भाजपा नेता के इस आरोप पर सपा नेता लाठर कहते हैं कि हमने किसी को भी चुनाव लड़ने या नामांकन करने से नहीं रोका था। नेताओं को पार्टी के पक्ष में मनाना, समझाना अलग बात है, लेकिन डराना, धमकाना, नामांकन ही न करने देना, चुनाव लड़ने के प्रयासों पर पानी फेर देना गलत बात है। लोकतंत्र के विपरीत है और सपा सरकार के समय में ऐसे हथकंडे कभी नहीं अपनाए गए। सपा नेता के अनुसार यह सरकार कुछ महीनों की ही मेहमान है।
दरअसल जिला पंचायत चुनाव ने समाजवादी पार्टी का जायका बिगाड़ दिया है। सपा को लग रहा था कि वह 75 जिलों की कम से कम 45 सीट जीत जाएगी। शेष 30 सीटों पर बसपा, भाजपा समेत अन्य का बंटवारा होगा। लेकिन बसपा ने चुनाव न लडऩे की घोषणा करके समाजवादी पार्टी के सपनों पर पानी फेर दिया। सपा को दूसरा और बड़ा झटका अपने डेढ़ दर्जन नेताओंं के नामांकन न कर पाने पर लगा।