बंगाल चुनाव के बाद लगा था कि हिंसा पर लगाम लगेगी लेकिन आए दिन पार्टी कार्रकर्ताओं की हत्याओं की खबरें आती रहती हैं। ममता बनर्जी के सत्ता बरकरार रखने के बाद भाजपा टीएमसी पर हत्याओं का आरोप लगाती है। वहीं अब भाजपा के नेता दिलीप घोष ने बंगाल में हिंसा के खिलाफ एक सप्ताह तक प्रदर्शन का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडे कलकत्ता उच्च न्यायालय और एनएचआरसी की नसीहतों के बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करना जारी रखे हुए हैं। वही दिलीप घोष ने दावा किया कि 2 मई को विधानसभा परिणाम घोषित होने के बाद से टीएमसी द्वारा किए गए हमलों में भाजपा के 30 से अधिक सदस्य मारे गए।
घोष भाजपा युवा शाखा की बैठक में शामिल हुए थे यहां उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल बचाओ सप्तहो कार्यक्रम के तहत नौ से 16 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रैलियां करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है, दो मई से अब तक हजारों भाजपा कार्यकर्ता और उनके परिवार बेघर हो गए हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय के नसीहत के बाद भी सत्ताधारी दल हिंसा जारी रखे हुए है। घोष ने हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों की सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अकारण 16 अगस्त को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है, क्योंकि टीएमसी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 1980 में इसी दिन अगस्त को एक मैच के दौरान हिंसा में मारे गए 16 युवा फुटबॉल प्रेमियों को दिन समर्पित करेगी।।
बंगाल में हिंसा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार मई-अप्रैल विधानसभा चुनावों के बाद दर्ज हिंसा की शिकायतों की ठीक से जांच करने में विफल रही है।
सिर्फ फंड के लिए पीएम से मिलना चाहती हैं दीदी- दिलीप घोष
पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पीएम मोदी से मिलने का मकसद सिर्फ हाथ जोड़कर फंड मांगने का है। वह सिर्फ पैसे के लिए पीएम मोदी से मिलने जा रही हैं। वहीं इस बयान पर टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें संघीय व्यवस्था की बेहतर समझ की जरूरत है, जिसके तहत एक सीएम हमेशा पीएम से मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केंद्रीय संसाधनों का 'दुरुपयोग' करने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 'हाथ जोड़कर पैसों की भीख मांगना' चाहती हैं। हालांकि, उनकी इस टिप्पणी की राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है।