भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद दिलीप घोष के एक वीडियो क्लिप में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मजाक उड़ाते हुए सुनने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्टी लगातार आक्रामक हो रही है। इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घोष को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं दिलीप घोष ने मांफी मांग ली है।
मुझे इसके लिए खेद है
भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए बुधवार को माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और अन्य लोगों को उनके शब्दों के चयन को लेकर आपत्ति है और अगर ऐसा है तो मुझे इसके लिए खेद है।
गौरतलब है, तृणमूल कांग्रेस ने उनके बयान को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
यह पहली बार नहीं है
घोष ने कहा, 'मैं नोटिस का जवाब एक पत्र लिखकर दूंगा। मैं अन्याय करने वालों के सामने बोलता हूं, इसलिए यह पहली बार नहीं है जब मुझे अपने बयान को लेकर विवाद का सामना करना पड़ा है।
मेरी पार्टी की ओर से स्पष्टीकरण मांगा गया
दिलीप घोष ने कहा, 'मेरी भाषा को लेकर आपत्ति जताई गई है। मेरी पार्टी की ओर से स्पष्टीकरण मांगा गया है, अगर ऐसा है तो मैं इसके लिए दुखी हूं। पार्टी द्वारा जारी किए नोटिस का जवाब मैं आधिकारिक रूप से दूंगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मेरी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, यह मेरा राजनीतिक बयान था।'
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन मैं प्रश्न करूंगा कि आपके (टीएमसी) पार्टी के नेता हमारे नेता (सुवेंदू अधिकारी) और उनके पिता को लेकर कई अपशब्द का प्रयोग कर चुके हैं, क्या उनका कोई मान-सम्मान नहीं है?, टीएमसी ने तब कोई आपत्ति नहीं जताई? सुवेंदु अधिकारी एक पुरुष हैं, क्या इसलिए उनके लिए इस्तेमाल किए गए अपशब्द पर किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई?'