शून्यकाल के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हुए लाठी चार्ज पर जब केंद्र ने राज्य सरकार की भूमिका से इनकार किया, तो सपा सांसद धर्मेंद्र यादव उत्तेजित होकर संसदीय कार्यमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की सीट के करीब पहुंच गए और उनसे बहस करने लगे। इससे नाराज स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे अपना आपा खो बैठे और धर्मेंद्र यादव से उलझ गए।
तीन तलाक, चिट फंड, नागरिकता बिल लटके
सरकार लाख कोशिशों के बावजूद तीन तलाक, चिट फंड कंपनियों पर लगाम और नागरिकता संशोधन बिल को कानूनी जामा नहीं पहना सकी। हालांकि सरकार ने अंतिम दिन इन बिलों के लिए नए सिरे से कोशिश की। मगर राज्यसभा के पहले ही स्थगित हो जाने से इन बिलों के साथ ही 16 बिल कानून नहीं बन पाए। राज्यसभा में तो बुधवार को हंगामे के कारण अंतरिम बजट भी बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया।