नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को कहा कि एक जनवरी 2022 से चार महीनों की अवधि के दौरान डीजीसीए ने शराब के सेवन के लिए क्रू की जांच के संबंध में विभिन्न नियामकीय आवश्यकताओं के उल्लंघन के लिए 48 प्रवर्तन कार्रवाइयां की हैं।
डीजीसीए ने कहा कि इस अवधि के दौरान नौ पायलट और 32 केबिन क्रू का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पॉजिटिव आया था। इनमें से दो पायलट और दो केबिन क्रू को दूसरी बार पॉजिटिव पाए जाने के बाद तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
बाकी 37 क्रू मेंबरों को पहली बार पॉजिटिव पाए जाने के बाद तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। डीजीसीए ने आगे बताया कि अन्य प्रवर्तन कार्रवाइयां बीए परीक्षण के लापता होने या घोषणा प्रस्तुत नहीं करने से संबंधित थीं।
डीजीसीए के अनुसार, इंडिगो के चार पायलट और चालक दल के 10 सदस्य, गो फर्स्ट के एक पायलट और चालक दल के पांच सदस्य, स्पाइसजेट के एक पायलट और चालक दल के छह सदस्य, एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक पायलट और एयरएशिया इंडिया के चालक दल के चार सदस्य उक्त अवधि में उड़ान पूर्व अल्कोहल जांच में विफल रहे।
विमानन नियामक ने कहा कि विस्तारा का एक पायलट और चालक दल के दो सदस्य, एलायंस एयर का एक पायलट और एयर इंडिया के चालक दल के पांच सदस्य भी जांच में विफल रहे। डीजीसीए ने पिछले महीने कहा था कि एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पायलट और चालक दल के सदस्यों में से 50 प्रतिशत का ‘अल्कोहल टेस्ट’ हो।
कोविड-19 महामारी के प्रकोप से पहले, चालक दल के सभी सदस्यों को उड़ान से पहले शराब सेवन का पता लगाने के लिए इस जांच से गुजरना पड़ता था। हालांकि जब महामारी आयी, तो जांच कुछ महीनों के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद, जांच फिर से शुरू की गई लेकिन चालक दल के सदस्यों के केवल एक छोटे हिस्से के लिए।