विमानन नियामक डीजीसीए ने गुरुवार को 30 उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) के ऑडिट को लेकर जानकारी दी। डीजीसीए ने बताया कि उसने 21 मार्च से अब तक 30 उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) का ऑडिट किया है। इस दौरान उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों को कई सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया है।
पाई गई कई कमियां
नियामक ने बताया कि ऑडिट में पाया गया है कि एयरफील्ड या प्रशिक्षण संस्थानों में सुविधाओं का रखरखाव आवश्यकताओं के अनुसार नहीं किया जा रहा है। ऑडिट के दौरान रनवे की सतह खराब पाई गई थी। इसके अलावा भी कई अन्य तरह की अव्यवस्थाएं पाईं गई हैं जैसे विंड सॉक फटा हुआ था और मानक के अनुरूप नहीं था।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि कई एफटीओ में उड़ान से पहले शराब परीक्षण नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ प्रशिक्षकों, छात्र पायलटों और विमान रखरखाव इंजीनियरों ने ब्रेथलाइजर परीक्षण पास नहीं किया। इसके अलावा ड्यूटी शुरू करने या विशेष अभ्यास शुरू करने से पहले अंडरटेकिंग जमा नहीं किए जाने संबंधी समस्याएं पाईं गई।
की जा रही कार्रवाई
डीजीसीए ने बताया कि इन ऑडिट निष्कर्षों और हाल के समय में हुई दुर्घटनाओं के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए दो जवाबदेह प्रबंधकों को चेतावनी नोटिस दी गई है। इसके साथ ही एक वर्ष के लिए दो सीएफआई (प्रमाणित उड़ान प्रशिक्षकों) को निलंबित करने का आदेश जारी हुई है। वहीं, तीन महीने के लिए दो सीएफआई, एक उप सीएफआई के लिए एक साल, तीन महीने के लिए दो डिप्टी सीएफआई, तीन महीने के लिए एक एएफआई (सहायक उड़ान प्रशिक्षक) और तीन महीने के लिए एक छात्र को भी निलंबित किया गया है।
डीजीसीए ने ऑडिट के बारे में बताते हुए कहा कि कार्रवाई करते हुए एक एफटीओ की मंजूरी को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही अन्य एफटीओ के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।