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Goa Bar Row: चर्चित बार मामले की सुनवाई, डिगामा का ईरानी परिवार से जुड़ी फर्म से संबंध होने से इनकार

Mon, 22 Aug 2022 03:25 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी

सार

सुनवाई के बाद स्व. एंथोनी डिगामा के परिवार ने दावा किया कि उनका 'एटऑल फूड्स एंड बिवरेजेस एलएलपी गोवा' से कोई संबंध नहीं है। यह बार कथित तौर पर ईरानी के परिवार से जुड़ा हुआ बताया गया था। इसे लेकर ईरानी ने उन पर आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। 

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कांग्रेस नेता गिरीश चोडनकर और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से जुड़े गोवा के एक बार मामले की आज राज्य के आबकारी आयुक्त नारायण गाड ने सुनवाई की। उन्होंने एक शिकायकर्ता की दलीलों को सुना। कांग्रेस ने इस बार को लेकर दावा किया था कि यह बार व रेस्त्रां मंत्री ईरानी की बेटी से जुड़ा है। 

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सुनवाई के बाद स्व. एंथोनी डिगामा के परिवार ने दावा किया कि उनका 'एटऑल फूड्स एंड बिवरेजेस एलएलपी गोवा' से कोई संबंध नहीं है। यह बार कथित तौर पर ईरानी के परिवार से जुड़ा हुआ बताया गया था। इसे लेकर ईरानी ने उन पर आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। 

सामाजिक कार्यकर्ता आयर्स रोड्रिग्स ने 29 को इस मामले में शिकायत दायर कर आरोप लगाया गया था कि गोवा के मापुसा में आबकारी कार्यालय ने एक मृत व्यक्ति-एंथनी डिगामा के नाम पर रेस्त्रां के आबकारी लाइसेंस का अवैध रूप से नवीनीकरण कर दिया। शिकायत में बृहन्मुंबई नगर निगम 'बीएमसी' के मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर यह भी कहा गया कि डिगामा का निधन 17 मई 2021 को हो गया था। आबकारी आयुक्त गाड ने उत्तरी गोवा के असगाओ स्थित 'सिली सोल्स कैफे एंड बार' को भी नोटिस जारी किया है।
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तीन कांग्रेस नेताओं पर लगाया मानहानि केस
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपनी बेटी का नाम रेस्त्रां से जोड़ने के लिए कांग्रेस के तीन नेताओं के खिलाफ मानहानि का दीवानी मुकदमा दायर किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई में पाया था कि ईरानी और उनकी बेटी न तो गोवा के रेस्तरां के मालिक हैं और न ही उन्होंने कभी भोजन और पेय पदार्थों के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, जैसा कि उन पर आरोप लगाया गया है।

29 जुलाई को हुई शिकायत की पहली सुनवाई के दौरान आबकारी आयुक्त ने इस विवाद में दो मुद्दे तय किए थे कि- क्या एंथनी डीगामा द्वारा आबकारी लाइसेंस झूठे, अपर्याप्त दस्तावेज जमा करके और तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके प्राप्त किया गया था?  और, क्या आबकारी अधिकारियों द्वारा प्रक्रियात्मक अनियमितताएं की गई थीं? 

डिगामा परिवार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।आबकारी आयुक्त ने सोमवार को डिगामा परिवार के वकील बेनी नाजरेथ और रोड्रिग्स की दलीलें सुनीं और मामले को 12 सितंबर को आगे सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया। रोड्रिग्स को अगली सुनवाई पर या उससे पहले जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है।

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