महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पिछले दिनों मुलाकात की। इसे लेकर सोमवार को महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जब दो अलग-अलग राजनीतिक दलों के दो बड़े नेता मिलते हैं, तो राजनीति पर चर्चा होती है। हालांकि अब इसपर उन्होंने सफाई दी है। पाटिल ने कहा है कि दोनों के बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। हम एक सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं राउत ने भाजपा नेता के बयान पर पूछा है कि क्या राजनीति पर चर्चा करना पाप है?
महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख ने सफाई देते हुए कहा, 'मैंने कल यह कहा था कि संजय राउत ने देवेंद्र फडणवीस से सामना में एक साक्षात्कार देने के लिए कहा था और यह भी कहा था कि वे इससे पहले एक बार साथ बैठेंगे, ताकि सवाल-जवाब को देख सकें। कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई क्योंकि इसका उद्देश्य कभी नहीं था।'
चंद्रकांत पाटिल ने कहा, 'इसलिए पार्टी के राज्य प्रमुख के रूप में, मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि शिवसेना, एनसीपी या कांग्रेस के साथ सरकार बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हम एक सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। हम तीनों के साथ सरकार नहीं बना सकते, लेकिन वे तीनों एक साथ नहीं रह सकते। चाहे यह कृषि कानून हो या कोई अन्य मामला वे (कांग्रेस, शिवसेना, राकांपा) आपस में लड़ेंगे और टूटेंगे। फिर आगे क्या होगा? मध्यावधि चुनाव। यह मेरा विश्लेषण है, यह जरूरी नहीं है कि ऐसा ही होगा।'
वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, 'क्या राजनीति पर चर्चा करना पाप है? यदि दो राजनीतिक नेता मिलते हैं तो वे देश, कृषि कानून, जम्मू और कश्मीर, चीन, पाकिस्तान, कोविड-19 से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हैं।'
कांग्रेस, शिवसेना व एनसीपी आपस में लड़कर अलग हो जाएंगे : भाजपा
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना नेता संजय राउत की बहुचर्चित मुलाकात के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दल आपस में ही लड़ेंगे और अलग हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी की आपसी लड़ाई के बाद यह गठबंधन टूट जाएगा। पाटिल ने कहा कि यह उनका आकलन है कि उसके बाद महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव होगा।
चाय और बिस्कुट पर नहीं हुई चर्चा
इससे पहले फडणवीस और राउत की बैठक पर पाटिल ने कहा था कि उन्होंने चाय और बिस्कुट की चर्चा तो नहीं की होगी। पाटिल ने कहा, 'अगर दो अलग-अलग राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता मिलते हैं, तो जाहिर तौर पर राजनीतिक चर्चाएं होती हैं। यदि वे दो से ढाई घंटे साथ बैठते हैं तो चाय और बिस्कुट पर चर्चा नहीं होगी। हालांकि यह बैठक अनिर्णायक रही।
चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि कोई भी राज्य में मध्यावधि चुनाव नहीं चाहता, लेकिन अस्थिरता से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। एक अच्छी सुबह सबकुछ बदल जाएगा। बता दें कि फडणवीस और राउत ने मुंबई के एक होटल में मुलाकात की थी। राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना के लिए फडणवीस का साक्षात्कार लिया।