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कृषि कानून: राहुल का केंद्र पर हमला, कहा- पहले पैर में कुल्हाड़ी मारी, अब दिल में की चोट

Tue, 29 Sep 2020 11:25 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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केंद्र की मोदी सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद तीन कृषि विधेयक अब कानून बन चुके हैं। इसे लेकर विपक्ष और देशभर के किसान संगठन सड़क पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इसके खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रही है। इसी बीच पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कई किसानों से बात की।

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राहुल ने कृषि कानून का विरोध करते हुए इसे अंग्रेजों का कानून करार दिया। कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र के एक किसान से कहा कि अंग्रेजों से लड़ाई के लिए महात्मा गांधी ने कई आंदोलन किए, आज यदि बापू जिंदा होते तो इस कानून का विरोध करते। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानून और नोटबंदी-जीएसटी में कोई फर्क नहीं है। पहले पैर में कुल्हाड़ी मारी और अब दिल में चोट की।
 

वायनाड से सांसद ने कहा कि इन्हें (मोदी सरकार को) ये बात समझ नहीं आएगी ये लोग तो अंग्रेजों के साथ खड़े थे। राहुल गांधी से किसानों ने कहा कि उन्हें एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर कोई भरोसा नहीं किया गया। इस कानून से केवल अमीरों का भला होगा। राहुल ने पूछा कि इस कानून में सबसे खराब क्या है तो किसानों ने कहा कि यदि भला करना है तो एमएसपी क्यों नहीं लाते।
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किसानों ने पूछा कि क्या अडानी-अंबानी सीधे किसानों से उपज खरीदेंगे? राहुल से एक किसान ने कहा कि पहले ईस्ट इंडिया कंपनी थी और अब ये कॉरपोरेट कंपनियां आ जाएगी। कांग्रेस नेता ने एक किसान से सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमएसपी का वादा किया है। इसपर किसान ने कहा कि वो उनकी बात नहीं मान रहे हैं। इस कानून से सिर्फ कंपनी का फायदा होगा, किसान मजदूर बन जाएगा।

गांधी जयंती पर देशभर में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस 
कांग्रेस ने नए कृषि कानून के विरोध में 2 अक्तूबर को ‘किसान-मजदूर बचाओ दिवस’ आयोजित करने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि इस कानून के खिलाफ महात्मा गांधी एवं लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर देशभर के सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा मुख्यालय पर धरना और मार्च निकाला जाएगा। इसके जरिये सरकार से इस कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की जाएगी। गिरफ्तारी भी देने का प्रयास किया जाएगा।
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बता दें कि संसद ने जब इन कृषि विधेयकों (अब कानून) को पारित किया था उस समय राहुल गांधी विदेश में थे। अब राहुल देश वापस आ गए हैं। वे किसानों से उनका हाल जानेंगे और परेशानियों पर मंथन करेंगे। इससे पहले सोमवार को उन्होंने कृषि कानून को किसानों के लिए मौत का फरमान जैसा बताया था।

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