सार
राज्य सभा में बजट पर चर्चा के दौरान जयराम रमेश ने कहा कि भले ही सरकार ने पूंजीगत व्यय पर जोर दिया लेकिन, निजी निवेश पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, ‘विकास के सभी इंजन एक रफ्तार में काम नहीं कर रहे।
‘केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय को भले ही रफ्तार दी हो लेकिन, भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी इंजन एक रफ्तार में नहीं चल रहे हैं।’ राज्य सभा में केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने यह बात कही। बजट पर चर्चा के दौरान जयराम रमेश ने कहा कि भले ही सरकार ने पूंजीगत व्यय पर जोर दिया लेकिन, निजी निवेश पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, ‘विकास के सभी इंजन एक रफ्तार में काम नहीं कर रहे। वित्त मंत्री ने सरकार के पूजीगत व्यय वाले इंजन की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दिया, लेकिन निजी निवेश का इंजन प्रगति नहीं कर रहा, यह तेजी से नहीं चल रहा।’ उन्होंने आगे कहा कि निजी खपत और निर्यात के इंजन भी तेज रफ्तार से प्रगति नहीं कर रहे।
‘बजट में शेयर बाजार में निवेश को हतोत्साहित किया गया’
उधर, युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी के सांसद वी विजयसाई रेड्डी ने कहा कि बजट में शेयर बाजार में निवेश को हतोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के ग्राहकों पर न्यूनतम आवश्यक धनराशि को बनाए ना रखने पर 8,495 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस धनराशि को ग्राहकों को वापस लौटाया जाना चाहिए। रेड्डी ने वित्त मंत्री से अनुरोध किया कि पूरे देश में बचत बैंक खातों को शून्य शेष खातों में तब्दील किया जाए।
‘बजट में मध्यम वर्ग का कोई ध्यान नहीं दिया’
उधर कांग्रेस पार्टी के राज्य सभा सदस्य विवेक के. तन्खा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि बजट में मध्यम वर्ग का कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि बजट में उर्वरक के लिए मिलने वाली सब्सिडी को एक लाख रुपये कम कर दिया गया है, इस वजह से यह किसानों के हित का बजट नहीं कहा जा सकता।
विपक्ष का सरकार पर निशाना
उधर, तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने केंद्र सरकार से जीवन एवं स्वाथ्य बीमा प्रीमियम पर लगाए जाने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को समाप्त करने की मांग की। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा, जब भी किसान, छात्र और व्यापारी कर्ज माफी की बात करते हैं तो सरकार पैसे की कमी का हवाला देती है।