एचटीटी-40 चार ब्लेड वाले टर्बो प्रोप इंजन द्वारा संचालित एक एरोबेटिक विमान है, जो आधुनिक ग्लास कॉकपिट, एवियोनिक्स और जीरो-जीरो इजेक्शन सीट जैसी नवीनतम सुविधाओं से सुसज्जित है।
उप वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बेंगलुरु में शुक्रवार को हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर एयरक्राफ्ट-40 (HTT-40) उड़ाया। इस विमान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के विमान अनुसंधान और डिजाइन केंद्र द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
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एचटीटी-40 चार ब्लेड वाले टर्बो प्रोप इंजन द्वारा संचालित एक एरोबेटिक विमान है। यह आधुनिक ग्लास कॉकपिट, एवियोनिक्स और जीरो-जीरो इजेक्शन सीट जैसी नवीनतम सुविधाओं से सुसज्जित है। ट्रेनर की अधिकतम गति 450 किमी प्रति घंटा और अधिकतम सर्विस सीमा छह किमी है।
ट्रेनर ने पहली बार 31 मई 2016 में उड़ान भरी थी और 6 जून, 2022 को सिस्टम लेवल सर्टिफिकेट प्राप्त किया था। फिलहाल इसके पूर्ण विमान की मंजूरी के लिए सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस एंड सर्टिफिकेशन में बात चल रही है।
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भारतीय वायु सेना ने एचएएल के साथ 70 विमानों की आपूर्ति के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किया, जिसका समावेश 15 सितंबर 2025 से शुरू होगा और 15 मार्च 2023 तक जारी रहेगा।
वायु सेना ने कहा, 'एचटीटी-40 भारतीय सशस्त्र बलों के एब-इनिशियल पायलटों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। वायु सेना विमान के लिए एक पूर्ण मिशन सिम्युलेटर भी खरीद रही है जो हवाई प्रशिक्षण का पूरक होगा। इससे पायलटों को उड़ान भरने से पहले जमीन पर विभिन्न स्थिति के अनुसार अभ्यास करने की अनुमति मिलेगी।' वायु सेना ने इसे सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के हिसाब से एक बड़ी उपलब्धि बताया है। स्वदेशी तरीके से यह रक्षा और विमानन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।