देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन के खतरों से निपटने के लिए डेलॉय ने एक प्लेबुक लॉन्च किया है। कंपनी के वैश्विक सीईओ पुनीत रंजन ने कहा कि प्लेबुक में बताए गए प्रोटोकॉल सरकारों को कोविड-19 के मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल सहायता और संसाधनों को शीघ्रता से बढ़ाने में सक्षम कर सकते हैं।
यह प्लेबुक ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर मरीजों की घर पर ही रहकर देखभाल की सिफारिश करता है। इसका इस्तेमाल उन लोगों की मदद में आसानी से किया जा सकता है, जो घर पर इलाज कराकर ठीक होने में सक्षम हैं। पुनीत ने कहा कि दूसरी लहर के चरम के दौरान हरियाणा सरकार और डेलॉय की पहल से करनाल के लोगों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएं जल्दी पहुंचने में मदद की थी। इससे प्रभावी रूप से मृत्यु दर में 50 फीसदी की कमी आई थी। 90 फीसदी से अधिक संक्रमितों का इलाज घर पर या आइसोलेशन केंद्र पर किया गया, जिससे जिला अस्पताल पर दबाव कम करने में मदद मिली।
भारत में सफलता के बाद दक्षिण अफ्रीका में भी अपनाया
सीईओ ने बताया कि यह प्लेबुक घर पर ही लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लाने में मदद करती है। इससे मेडिकल वार्ड का विस्तार होता है। यह पूर्णरूप से लागू होने पर ग्रामीण और वंचित समुदायों तक आसानी से आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं पहुंच सकेगी। उन्होंने बताया कि भारत में इसकी सफलता के बाद इसे दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया में भी अपनाया गया।
जिला अस्पतालों पर दबाव कम करने में मिली मदद
पुनीत का दावा है कि डेलॉय प्लेबुक से जिला जिला अस्पतालों पर दबाव कम करने में मदद मिली। इसके परिणामस्वरुप गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए बेड आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि मॉडल को व्यापक रूप से अपनाने से कम लागत पर दीर्घकालिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान होगा।