दिल्ली में रविवार दोपहर तीन बजे तक प्रदूषण अपने विकराल रूप में है। प्रदूषण और धूएं के कारण दृश्यता बहुत कम हो गई है और कुहरे जैसा मौसम बना हुआ है। सड़कों पर वाहनों को दिन में ही लाइट जलाकर चलाना पड़ रहा है। लोगों को अपने घरों के अंदर भी आंखों में जलन और धुंध का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे तक यानी सोमवार शाम तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।
सोमवार शाम के बाद स्थिति में मामूली सुधार होने की संभावना है क्योंकि देर शाम हवा का बहाव कुछ तेज होने के आसार हैं। इससे प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आने की संभावना है। स्काईमेट के द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार सोमवार शाम से हवाओं का बहाव कुछ तेज हो सकता है जिससे प्रदूषण से कुछ राहत मिल सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार महा साइक्लोन के कारण सात नवंबर को पंजाब के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इससे भी दिल्ली की ओर बहकर आने वाली हवाओं में प्रदूषण के कारक धूएं और धूल की मात्रा कम हो सकती है जिससे प्रदूषण में कमी आने के आसार हैं। लेकिन फिलहाल अगले 24 घंटे तक दिल्ली के भारी प्रदूषण में बने रहने के आसार हैं।
कितना है प्रदूषण
प्रदूषण के मामले में वैज्ञानिकों के द्वारा बनाए गए सारे मानक पीछे छूटते दिख रहे हैं। इसका कारण यह है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर हजार अंक को भी पार कर गया है। पूर्वी दिल्ली के इलाके प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। आनंद विहार इलाके में रविवार दोपहर तीन बजे पीएम 2.5 का स्तर 999 से अधिक बना हुआ है।
पूर्वी दिल्ली के ही मदर डेयरी और पटपड़गंज क्षेत्र में भी प्रदूषण का स्तर 999 से ऊपर पहुंच चुका है। अमेरिकी दूतावास क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर 860 तक पहुंच चुका है। जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम क्षेत्र में भी प्रदूषण का स्तर 999 का मानक क्रॉस कर चुका है। लोधी कॉलोनी क्षेत्र में प्रदूषण अनहेल्दी कैटेगरी में बना हुआ है।