आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गत मंगलवार को अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था। अरविंद केजरीवाल का दावा था कि उन्होंने चुनाव पूर्व किये अपने सारे वायदे पूरे कर दिये हैं। लेकिन कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के इस दावे को उनका एक और झूठ करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल सरकार शीला दीक्षित सरकार के शुरू किये गए कामों को अपना बताकर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश कर रही है जबकि पिछले पांच सालों के दौरान उसने कोई भी नया काम नहीं किया है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री रहते हुए राजधानी में डीटीसी की 6200 से ज्यादा बसें चलती थीं। इनकी संख्या अब लगभग आधी रह गई है। इसके बाद भी अगर अरविंद केजरीवाल यातायात को बेहतर बनाने का दावा करते हैं तो यह हास्यास्पद है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के यातायात को सुधारने का काम मेट्रो रेल और सीएनजी आधारित बस प्रणाली लाकर कांग्रेस ने किया था, जबकि अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान मेट्रो को आगे बढ़ाने में बाधा डालने का काम किया है। वे क्लस्टर योजना के तहत चलने वाली बसों को अपना बताने का 'पाप' कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता राजेश लिलोठिया ने कहा कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार लोगों को कच्ची कालोनियों को पक्का करने की बात पर धोखा देने का काम कर रही हैं। आज जब कि दोनों ही सरकारों ने अपने-अपने एक-एक कार्यकाल पूरा कर लिया है, दिल्ली की एक भी कालोनी के लोगों को पक्का कागज नहीं दिया गया है, जबकि पहले इंदिरा गांधी ने 500 से ज्यादा कालोनियों को और बाद में शीला दीक्षित ने कच्ची कालोनियों को वैध बनाने का काम किया था।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आज भी झूठ बोलकर लोगों को बरगलाने का काम कर रही है।
राजेश लिलोठिया ने कहा कि आप सरकार एनआरसी के मुद्दे पर पीछे हट गई है। वह केंद्र की इस योजना की कोई आलोचना भी नहीं कर रही है जिससे उसकी भाजपा से सांठगांठ लोगों को समझ आ रही है। उन्होंने कहा कि आप की इसी नीति को समझते हुए जनता ने लोकसभा चुनाव में उसे तीसरे स्थान पर धकेल दिया था। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भी यह क्रम बना रहेगा।