वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी थी कि दिल्ली- एनसीआर में कारखानों और निर्माण स्थलों सहित कुल 1,534 स्थलों का निरीक्षण किया गया है, और 228 स्थलों को बंद करने के लिए नोटिस जारी किया गया, वहीं इनमें से 111 को बंद कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में केंद्र, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर गुरुवार को संतोष व्यक्त किया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना की अगुवाई वाली बेंच ने आयोग से आगे के कदमों पर जनता और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित करने को कहा।
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय ने दिए निर्देश
इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को प्रदूषण की समस्या से निपटने के स्थायी समाधान के लिए निर्देश भी दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि आयोग एक विशेषज्ञों का ग्रुप बनाए, जो जनता और विशेषज्ञों से मिले सुझाव पर गौर करें ताकि प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान हो सके। अब सुप्रीम कोर्ट में मामले की फरवरी के पहले हफ्ते में अगली सुनवाई होगी।
इन उद्योगों पर से हटा प्रतिबंध
इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि आयोग ने वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए धान, डेयरी, चिकित्सा,कागज और कपड़ा उद्योगों पर से प्रतिबंध हटा लिया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल को छोड़कर बाकी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। हालांकि इंटीरियर निर्माण पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। मेहता ने कहा कि स्कूल फिलहाल वर्चुअल मोड में काम करना जारी रखेंगे।