Delhi Pollution: दिल्ली में हर साल अक्तूबर से जनवरी के बीच प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है, और हाल ही में आनंद विहार में यह 434 अंक तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा शासित राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर आरोप लगाया कि वे प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं, जबकि भाजपा ने केजरीवाल पर पंजाब का नाम न लेने का सवाल उठाया है, जहां पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
हर साल अक्टूबर से जनवरी के बीच दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। वायु प्रदूषण का स्तर इसको मापने वाले यंत्रों की अधिकतम सीमा 999 को भी पार कर जाती है। लोगों का सांस लेना दूभर हो जाता है। अभी अक्टूबर महीने की 20 तारीख है, लेकिन आनंद विहार में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर की श्रेणी में आ चुकी है। 20 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर 434 अंक तक की सीमा तक पहुंच चुका है जो गंभीर प्रदूषण का संकेत है।
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दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी मारलेना ने कहा है कि राजधानी में होने वाले प्रदूषण के लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने अपने हिस्से के प्रदूषण निपटने में बहुत काम किया है, इसके काफी सकारात्मक परिणाम रहे हैं और दिल्ली के प्रदूषण उत्पादक कारकों में कमी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित हरियाणा और उत्तर प्रदेश में प्रदूषण हो रहा है जिसके कारण दिल्ली का प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकारें काम करें तो दिल्ली में प्रदूषण नहीं होगा।
अब पंजाब का नाम क्यों नहीं लेते केजरीवाल- भाजपा
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल केवल आरोपों की राजनीति करना जानते हैं। जब तक वे दिल्ली के मुख्यमंत्री नहीं बने थे, वे इसके लिए पंजाब और हरियाणा को जिम्मेदार बताते थे। वे कहते थे कि यदि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बंद हो जाएं तो दिल्ली के प्रदूषण पर लगाम लग सकती है।
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पूनावाला ने कहा कि, लेकिन अब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में है, इसलिए अब वे पंजाब का नाम नहीं ले रहे हैं। वे दिल्ली के प्रदूषण के लिए भाजपा शासित हरियाणा को जिम्मेदार बता रहे हैं, जबकि सेटेलाइट से लिए गए चित्रों से साफ हो रहा है कि पंजाब में लगातार पराली जलाई जा रही है। लेकिन भगवंत मान सरकार इसको रोकने के लिए कोई काम नहीं कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि अब अरविंद केजरीवाल को समझ आ जाना चाहिए कि केवल आरोपों की राजनीति से अब काम नहीं चलने वाला। दस साल के काम के बाद भी अब तक उनके पास अपना काम गिनाने के लिए नहीं है, लेकिन अब वे दूसरों पर आरोप लगाकर नहीं बच सकते। भाजपा नेता ने कहा कि इस चुनाव में केजरीवाल की विदाई तय है क्योंकि जनता उनसे दस साल के कामकाज का हिसाब मांग रही है, लेकिन उनके पास आरोप लगाने के अलावा बताने के लिए कुछ नहीं है।