दिल्ली चुनाव आयोग ने गुरुवार को चौंकाने वाला फैसला लेते हुए दिल्ली नगर निगम का चुनाव फिलहाल कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के इशारे पर इस चुनाव को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। इस बीच अगले संसद सत्र में तीनों नगर निगमों को एक करने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके बाद एकीकृत नगर निगम के चुनाव सम्पन्न कराए जाएंगे। आम आदमी पार्टी ने निगम चुनाव टालने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि भाजपा ने अपनी हार की डर से चुनाव टालने का फैसला लिया है।
दिल्ली भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता और संगठन मंत्री सिद्धार्थन ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों शीर्ष नेताओं ने नगर निगम चुनाव से संबंधित जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री को उपलब्ध कराई। पार्टी की चुनावी तैयारियों पर भी तीनों नेताओं में विस्तृत चर्चा हुई। सभी परिस्थितियों पर विचार करते हुए दिल्ली के तीनों नगर निगमों को एक करने की बात पर मुहर लग गई। इसके लिए संबंधित प्रस्ताव एलजी के पास भेज दिए जाने की भी चर्चा है।
दरअसल, दिल्ली भाजपा के नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व को इस बात की जानकारी दी है कि यदि तीनों नगर निगमों में अलग-अलग चुनाव लड़े गए तो इससे पार्टी को भारी नुकसान हो सकता है। निगम चुनाव में लगातार तीन बार जीत हासिल कर हैट्रिक लगा चुकी भारतीय जनता पार्टी को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी नेताओं ने यह भी बताया है कि यदि तीनों नगर निगमों को मिलाकर एक कर दिया जाए तो पार्टी की साख कुछ हद तक बच सकती है। माना जा रहा है कि इसी कारण निगमों को एक किए जाने की बात को आगे बढ़ाया गया है।
चुनाव को तैयार है भाजपा
दिल्ली भाजपा के नेता हरीश खुराना ने कहा है कि नगर निगमों की बदहाली के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है दिल्ली सरकार ने सही समय से फंड जारी नहीं किया जिसके कारण निगमों को विकास कार्य कराने और अपने कर्मचारियों को वेतन देने में समस्याएं आई उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी सदैव चुनाव के लिए तैयार रहती है और दिल्ली चुनाव आयोग जब भी चुनाव कराने का फैसला लेगा भाजपा पूरे दमखम से चुनावी मैदान में उतरेगी और निगम चुनाव में जीत का चौका लगाएगी।