दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन मंत्रियों समेत उपराज्यपाल के आवास पर धरना दे रहे हैं। छठे दिन शनिवार को केजरीवाल ने अपने एक इंटरव्यू में पूर्व सीएम शीला दीक्षित के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास शीला दीक्षित को मिले कुल शक्तियों का 10 फीसदी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी से मांग की कि वो उन्हें अधिक शक्तियां दिलाएं।
एक मीडिया चैनल द्वारा पूछे गए कई सवालों पर केजरीवाल ने अपनी बात रखी। धरने को लेकर उन्होंने कहा कि 'मैं, अपने तीन मंत्रियों के साथ बीते 6 दिनों से यहां हूं। यह हमारे लिए खुशी नहीं है। हम इसका आनंद नहीं ले रहे हैं। हमें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे आगे बढ़ते हुए उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही गिनाईं, उन्होंने कहा कि जब उनसे संपर्क किया जाता है तो वह जवाब नहीं देते हैं।
एक दूसरे सवाल कांग्रेस से समर्थन ना मिलने पर वो निराश तो नहीं?, केजरीवाल ने कहा कि मैं सभी विपक्षी दलों, उनके नेताओं और मुख्यमंत्रियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। हड़ताल की वजह से शासन प्रणाली रुकने पर उन्होंने कहा कि हम इस स्थिति को खत्म करना चाहते हैं। मैं निजी तौर पर एलजी से बीते 3 महीने में 4 बार मिला। मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, सत्येंद्र जैन सभी ने उनसे निजी मुलाकात की। वह हमेशा हमें इसका आश्वासन देते रहते कि एक हफ्ते में सब खत्म हो जाएगा, यह कभी नहीं हुआ।
उन्होंने दोहराया कि शासन प्रणाली उनकी वजह से नहीं, बल्कि आईएएस अधिकारियों की वजह से गतिहीन हुई है। उन्होंने कहा कि मनीष और वो, ज्यादा से ज्यादा स्कूल और अस्पताल चाहते हैं, जिसके लिए वो आईएएस अधिकारियों के मीटिंगों में ना आने की वजह से ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने पीएम मोदी के बारे में बात करते हुए कहा कि हम व्यक्तिगत रूप से किसी के खिलाफ नहीं हैं। मैं यहां काम करने के लिए हूं। उन्होंने पीएम से आग्रह किया कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, वह पिता के समान हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी हड़ताल पर हैं और सीएम उसे खत्म करने के लिए धरने पर बैठा है। पीएम को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।