भाजपा ने की दिल्ली में राष्ट्रपति शासन की मांग।
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दिल्ली भाजपा नेताओं ने मांग की है कि राजधानी में सरकार का कामकाज पूरी तरह से ठप हो चुका है, आम आदमी के हितों के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए दिल्ली सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। 30 अगस्त को राष्ट्रपति से मिलकर भाजपा नेताओं ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी। अब राष्ट्रपति ने यह पत्र गृह मंत्रालय को भेज दिया है, जिस पर राजनीति तेज हो गई है।
भाजपा नेता सरदार आरपी सिंह ने अमर उजाला को बताया कि अरविंद केजरीवाल जेल में हैं और दिल्ली सरकार की कैबिनेट की बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं। ऐसे में लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं, इसीलिए दिल्ली में सरकार को भंग कर तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार से लगातार पश्चिम बंगाल और दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी केंद्र सरकार इस तरह का कोई कदम नहीं उठा रही है। इसका क्या कारण हो सकता है? अमर उजाला के इस प्रश्न पर भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासन में लगभग 90 बार विभिन्न सरकारें बर्खास्त की हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अब तक किसी भी सरकार पर कठोर कार्रवाई नही की है। लेकिन दिल्ली की स्थिति को देखते हुए अब यहां की सरकार को भंग करना आवश्यक हो गया है।