पिछले आम चुनाव में उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के हंसराज हंस ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी को यहां कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के राजेश लिलोठिया को आप की राखी बिड़लान से कांटे की टक्कर मिल रही है तो पटेल नगर में कृष्ना तीरथ अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। कुछ सीटों पर त्रिकोणीय तो कुछ पर सीधी लड़ाई के आसार बन रहे हैं।
नरेला विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार नीलदमन खत्री की स्थिति काफी मजबूत बताई जा रही है, हालांकि आम आदमी पार्टी के शरद चौहान उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। कांग्रेस ने यहां से सिद्धार्थ कुंडू को मैदान में उतारा है। बादली सीट पर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष देवेंदर यादव काफी अच्छी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस चुनाव में कांग्रेस जिन सीटों को अपने पक्ष में जाने की उम्मीद कर रही है, बादली उन्हीं सीटों में से एक है। आम आदमी पार्टी ने यहां से अजेश यादव और भाजपा ने विजय भगत को मैदान में उतारा है।
रिठाला सीट पर अब तक की स्थिति में आम आदमी पार्टी मजबूत बताई जा रही है। आप के महिंदर गोयल यहां से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा ने यहां से मनीष चौधरी और कांग्रेस ने प्रदीप कुमार पाण्डेय को मौका दिया है। बवाना की सुरक्षित सीट पर आप के जय भगवान उपकार, भाजपा के रविन्द्र कुमार इन्द्राज और कांग्रेस के सुरेन्द्र कुमार के बीच त्रिकोणीय लड़ाई है। मुंडका सीट पर आम आदमी पार्टी के धर्मपाल लाकरा अच्छी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी की योजनाओं से दूसरे प्रत्याशियों पर बढ़त मिलती दिख रही है। भाजपा के मास्टर आजाद सिंह और कांग्रेस के नरेश कुमार भी अच्छी चुनौती पेश कर रहे हैं।
किरारी विधानसभा क्षेत्र की पूर्वांचली बहुल आबादी वाली सीट पर आम आदमी पार्टी के ऋतुराज झा भाजपा के अनिल झा के बीच सीधी टक्कर होती दिख रही है। थोड़े-बहुत वोटों के अंतर से यहां मामला किसी भी पार्टी के पक्ष में मुड़ सकता है। कांग्रेस ने यहां से राष्ट्रीय जनता दल के रियाजुद्दीन खान को समर्थन दिया है। सुल्तानपुर माजरा (सुरक्षित) सीट पर कांग्रेस ने अपने पुराने नेता जय किशन पर भरोसा जताया है। वे यहां से बहुत अच्छी लड़ाई लड़ रहे हैं।
हालांकि भाजपा के उम्मीदवार रामचन्द्र चावरिया और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मुकेश कुमार अहलावत उन्हें कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। नागलोई जाट सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रघुविंदर शौकीन और भाजपा की सुमनलता शौकीन के बीच सीधी लड़ाई है। कांग्रेस ने यहां से मंदीप सिंह को मौका दिया है।
मंगोलपुरी सुरक्षित विधानसभा सीट से कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया लड़ाई में काफी आगे चल रहे हैं। युवा, साफ़-स्वच्छ और विकासवादी छवि का होने के कारण उन्हें यहां लाभ मिलता दिख रहा है। वे कांग्रेस के मजबूत जमीनी नेताओं में से एक गिने जाते हैं। आम आदमी पार्टी ने यहां से राखी बिड्लान को दुबारा मौका दिया है। उन्हें आम आदमी पार्टी की मजबूत औरर लोकप्रिय नेताओं में गिना जाता है। उन्हें यहां अपनी उसी छवि का फायदा मिलता दिख रहा है। भाजपा ने यहां से करम सिंह कर्मा को टिकट दिया है। कई दलों को बदलते हुए भाजपा में पहुंचे करमा का भाजपा कार्यकर्ता ही कड़ा विरोध कर रहे हैं। उन्हें इसका नुक्सान हो सकता है।
रोहिणी सीट से भाजपा ने दोबारा अपने नेता विजेंदर गुप्ता पर भरोसा जताया है। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रहते हुए उन्होंने काफी अच्छी और सकारात्मक भूमिका निभाई। अपने क्षेत्र में जमीनी रूप से सक्रिय रहने के कारण उन्हें यहां लाभ की स्थिति में बताया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने उनके सामने राजेशनामा बंशीवाला और कांग्रेस ने सुमेश गुप्ता को मैदान में उतारा है।