केंद्र सरकार ने रूसी लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई को लेकर एक भारतीय निर्माता कंपनी से बड़ा समझौता किया है। जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने एक मार्च को ही सुखोई-30 एमकेआई के प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाले सिम्युलेटर्स को अपग्रेड करने का समझौता किया है।
भारतीय वायुसेना की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के नेतृत्व में इस अपग्रेड के तहत सुखोई-30 एमकेआई में स्वदेशी हथियार जोड़ने से लेकर ऑपरेशनल ट्रेनिंग से जुड़ी क्षमताओं को भी शामिल किया जाएगा। इससे पायलटों को सुखोई के साथ उड़ान भरने में काफी आसानी होगी।
रूसी लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने की योजना पर चल रहा काम
गौरतलब है कि वायुसेना एक परियोजना के तहत सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने की योजना पर भी काम कर रही है, जिसमें इसके 84 विमानों को स्वदेशी हथियार प्रणालियों, एडवांस्ड रडार और एवियोनिक्स के साथ अपग्रेड किया जाएगा। उन्होंने कहा, इस परियोजना को स्वदेशी रूप से एचएएल के साथ पूरा करने की योजना है। यह हमें विदेश में इसी तरह के विमानों को अपग्रेड करने क लिए अच्छी स्थिति में रखेगा।
आईएएफ के पास 272 एसयू-30 लड़ाकू विमानों का बेड़ा है, जिन्हें 2000 के दशक की शुरुआत में सेना ने किस्तों में खरीदा था। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल जैसे हथियारों व प्रणालियों को पहले ही शामिल करके विमान को अपग्रेड किया जा चुका है।