रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने यहां डिफेंस कॉरिडोर की बैठक में उद्यमियों को आश्वासन दिया कि वे उच्च गुणवत्ता की रक्षा सामग्री बनाएं, सरकार 10 साल तक उनका उत्पाद खरीदेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कॉरिडोर में केवल उत्पादन पर ध्यान नहीं देना है बल्कि प्रशिक्षण और रोजगार पर भी फोकस करना है ताकि युवाओं को अधिक से अधिक मौके मिल सकें।
आगरा व अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर के महत्वपूर्ण शहर हैं। इस कॉरिडोर से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह बहुप्रतीक्षित बैठक शनिवार को जीटी रोड स्थित रॉयल रेजीडेंसी होटल में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान डिफेंस कॉरिडोर में 3732 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं।
रक्षामंत्री ने कहा कि हम केवल देश में ही आपूर्ति करने की न सोचें बल्कि निर्यात के लिए भी कदम बढ़ाएं। देश से ज्यादा विदेश में आपूर्ति कर हम अपना नाम कमा सकते हैं। हम इनोवेशन कर सकते हैं, तो करें। उन्होंने कहा कि अब भारतीय सेना के अधिकारी खुद आपके समक्ष मौजूद हैं। वे आपको अपनी जरूरत बताएंगे और आप उनके अनुसार उत्पाद बनाएंगे। दोनों के बीच में कोई नहीं है। देश में नवरत्न कंपनियां रक्षा क्षेत्र में अलग अलग तरह से उत्पादन में सहयोग कर रही हैं।
बैठक का का शुभारंभ सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा राज्य मंत्री सुभाष रामाराव भामरे, प्रदेश के औद्योगिक मंत्री सतीश महाना, जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा, शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
यहां से आए 3732 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
1-एचएएल - 1200 करोड़
2-ओएफबी - 1077 करोड़
3-एमकेयू - 900 करोड़
4-बीईएल - 240 करोड़
5-भारत फोर्ज - 200 करोड़
6-पीटीसी - 115 करोड़