ऐसा माना जा रहा है कि भारत अगले पांच साल में रक्षा उपकरणों की खरीद पर 300 अरब डॉलर खर्च करेगा। रक्षा उपकरण बनाने वाली दुनिया की सभी दिग्गज कंपनियां इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती।
500 से ज्यादा भारतीय कंपनियां ले रही हिस्सा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस एक्सपो में 670 से ज्यादा रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियां हिस्सा ले रही है। इनमें से 154 विदेशी निर्माता हैं। डिफेंस एक्सपो में 47 देशों के आधिकारिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान, स्वीडन, फिनलैंड, इटली, मेडागास्कर, म्यांमार, नेपाल, पुर्तगाल, सेशेल्स और वियतनाम शामिल हैं। रक्षा सचिव (उत्पादन) अजय कुमार ने बताया कि चीन को भी इसके लिए न्यौता भेजा गया था, लेकिन उन्होंने अपना प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा।
दुनिया की दिग्गज कंपनियां पहुंची
डिफेंस एक्सपो में दुनिया की कई दिग्गज रक्षा उत्पादन कंपनियां पहुंची हैं। इनमें लॉकहीड मार्टिन, बोइंग (अमेरिका), साब (स्वीडन), एयरबस, राफेल (फ्रांस), रोसोनबोरोन एक्सपोर्ट्स, यूनाइटेड शिपबिल्डिंग (रूस), बीएई सिस्टम्स (ब्रिटेन), सिबात (इस्राइल), वार्टशिला (फिनलैंड) और रोड एंड श्वार्ज (जर्मनी) शामिल हैं।
पीएम करेंगे औपचारिक उद्घाटन
चेन्नई के बाहरी इलाके और महाबलीपुरम के समीप लगी रक्षा प्रदर्शनी का पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को औपचारिक उद्घाटन करेंगे। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि एक दिन के उपवास पर होने के बावजूद पीएम डिफेंस एक्सपो में आएंगे। उन्होंने कहा, मैं भी उपवास पर रहूंगी।
पीएम भी उपवास कर रहे हैं लेकिन वह एक्सपो का उद्घाटन करने यहां आएंगे। पीएम तमिलनाडु में भी कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। वह चेन्नई में एक कैंसर संस्थान का दौरा करेंगे। इसके अलावा कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे।