फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्यूआर कोड से दवाओं की मिलावट रोकने पर फैसला आज

Tue, 02 Apr 2019 12:28 AM IST
Avdhesh Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
विज्ञापन
generic medicine
विज्ञापन
विदेश से आ रहे दवाओं के कच्चे माल में भारी मात्रा में मिलावट का पर्दाफाश होने के बाद अब सरकार इस पर सख्ती में जुट गई है। जल्द ही सरकार दवाओं की तरह उसके कच्चे माल की निगरानी भी क्यूआर कोड के जरिए करने जा रही है। इसके लिए मंगलवार को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के ड्रग तकनीकी सलाहकार बोर्ड (डीएटीबी) की बैठक में क्यूआर कोड से दवाओं में होने वाली मिलावट को रोकने का मास्टर प्लान तैयार हो सकता है। 
विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई देशों से भारत में दवाओं का कच्चा माल आयात होता है। कुछ समय पहले औचक निरीक्षण के दौरान कच्चे माल में काफी खामियां पकड़ी गई थीं। इसका सीधा असर मरीजों पर होता है। उन्होंने बताया कि अक्सर किसी दवा का सेवन करने के बाद भी मरीज को आराम नहीं मिलता। जबकि वही दवा किसी और कंपनी की खरीदने से उसे आराम मिल जाता है। ये गड़बड़ी तभी होती है जब पहले वाली दवा को मिलावटी कच्चे माल से बनाया गया हो। 

अधिकारी ने बताया कि कच्चे माल में मिलावट के बाद सरकार ने इससे निपटने के लिए सख्त सिस्टम तैयार करने का फैसला लिया था। बोर्ड की बैठक में बगैर लाइसेंस आयात होने वाले इस कच्चे माल को लेकर न सिर्फ सख्त गाइडलाइन बल्कि हर बॉक्स पर क्यूआर कोड होगा। इसकी पूरी जानकारी सरकार के पास होगी। जिसकी ट्रैकिंग के लिए अलग से सिस्टम भी बनाया जाएगा। बोर्ड के फैसले के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर अंतिम फैसला लेगा। 
विज्ञापन


इन फैसलों पर भी तेजी ला सकती है सरकार

सूत्रों का कहना है कि इसी बैठक में देश के पांच हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र संचालकों को ब्रांडेड की जगह जेनेरिक दवाएं देने का अधिकार भी मिल सकता है। वहीं, हर दवा दुकान में एक जेनेरिक दवाओं की अलमारी होने की मंजूरी के लिए बोर्ड की सहमति हो सकेगी। हालांकि 29 नवंबर 2018 को हुई बोर्ड की बैठक में इन दोनों ही मुद्दों पर आपसी सहमति हो चुकी है। अब बोर्ड की ओर से अंतिम सिफारिशें मंत्रालय को भेजी जा सकती हैं। 
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें