14 जुलाई को कल्लूर गांव निवासी किसान राजू पर खेत से लौटते वक्त जंगली हाथी ने हमला कर दिया था। हमले में राजू के पेट और पैर में चोट आई थी। राजू ने मंगलवार को कोझिकोड के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। राजू की मौत की जानकारी मिलने पर गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया।
केरल के पहाड़ी जिले वायनाड में जंगली हाथी के हमले के बाद युवक की मौत होने पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कोझिकोड-कोलेगेल राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम कर दिया। चार घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार पर बार-बार हो रहे जंगली जानवरों के हमलों को रोकने में फेल रहने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि जंगली जानवरों के हमले में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। विरोध प्रदर्शन की जानकारी के बाद सक्रिय हुई केरल सरकार ने पीडि़त परिवार की मदद करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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14 जुलाई को कल्लूर गांव निवासी किसान राजू पर खेत से लौटते वक्त जंगली हाथी ने हमला कर दिया था। हमले में राजू के पेट और पैर में चोट आई थी। राजू ने मंगलवार को कोझिकोड के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। राजू की मौत की जानकारी मिलने पर गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को एंबुलेंस से अस्पताल से शव लाते वक्त लोगों विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने शव को कोझिकोड-कोलेगेल हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। साथ ही वायनाड में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों पर रोक लगाने की मांग की।
आक्रोशित लोगों ने पीडि़त राजू के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने और बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस दौरान केरल सरकार के मंत्री ओ आर केलू ने मौके पर पहुंचकर पीडि़त परिवार से मुलाकात की। मंत्री केलू ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, इसके बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ। मंत्री केलू ने कहा कि पीडि़त राजू के परिवार को 11 लाख रुपये की मदद, जिसमें एक लाख रुपये बतौर बीमा शामिल होंगे, दी जाएगी। इसके अलावा आदिवासी विभाग द्वारा राजू के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी। राजू के एक बच्चे को सरकारी नौकरी भी मिलेगी। इसके अलावा सरकार ने तय किया है कि उसके परिवार को एक मकान और घर तक सीसी सड़क बनवाइ जाएगी।
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अब तक चार लोगों की हो चुकी मौत
हाल ही के सालों में जंगली हाथियों के हमले से केरल में चार लोगों की मौत चुकी है। 50 वर्षीय वन रक्षक पॉल, वायनाड निवासी 42 वर्षीय अजी, लक्ष्मण और 65 वर्षीय संपत्ति रक्षक और इदुक्की निवासी महिला इंदिरा रामकृष्णन ने जंगली हाथियों के हमले के बाद दम तोड़ दिया।