फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Parliament: संसद भवन में सुरक्षा चूक के एक दिन बाद कड़ा पहरा, मेघालय के CM को भी रोका गया, फिर ऐसे मिली एंट्री

Thu, 14 Dec 2023 01:21 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा को इमारत के मकर द्वार से अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई, जिसके बाद वह अपनी से बाहर निकले और शार्दुल द्वार से इमारत के अंदर गए।
विज्ञापन
Parliament Security Breach - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संसद सुरक्षा उल्लंघन के एक दिन बाद गुरुवार को संसद भवन के भीतर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई। पुलिस और संसद के सुरक्षाकर्मी बिना जांच किए किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। संसद परिसर से कुछ ही मीटर दूर परिवहन भवन के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी किसी को भी बैरिकेड से आगे जाने की इजाजत नहीं दी। वे लोगों के पहचान पत्र देखने के बाद ही उन्हें अंदर जाने की इजाजत दे रहे हैं। 
विज्ञापन


मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा को इमारत के मकर द्वार से अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई, जिसके बाद वह अपनी कार से बाहर निकले और शार्दुल द्वार से इमारत के अंदर गए। संसद भवन के सदस्यों के वाहन चालकों को बिना पहचान पत्र के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई है। संसद भवन के बाहर मीडियाकर्मियों से भी पहचान पत्र मांगे गए। 

संसद भवन की सुरक्षा में चूक के बाद नए भवन के मकर द्वार को सभी के लिए फिलहाल प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं मीडिया को पुराने संसद भवन के गेट 12 के लॉन में स्थानांतरित किया गया है।
विज्ञापन




क्या था मामला
यह घटना बुधवार दोपहर एक बजकर एक मिनट पर हुई। लोकसभा में पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल शून्य काल की कार्यवाही को संचालित कर रहे थे। मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू अपनी बात रख रहे थे। तभी दो शख्स दर्शक दीर्घा से नीचे कूद गए।

नीले रंग की जैकेट पहना एक शख्स सांसदों की सीट पर कूदने लगा। वह लगभग तीन कतार लांघकर आसन की तरफ जाने लगा। अफरा-तफरी के माहौल के बीच कुछ सांसदों ने हिम्मत दिखाकर उसे घेर लिया। मार्शल भी दौड़कर आ गए। तभी उस युवक ने जूते के अंदर से कुछ पदार्थ निकाला। इसके बाद वहां पीले रंग का धुआं उठने लगा। बाद में सांसदों और मार्शलों ने मिलकर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने कार्यवाही स्थगित कर दी।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 453, 153, 186, 353 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की की धारा 16 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें